स्वच्छ भारत अभियान ने विकलांग के लिए कुछ सोचा है? चित्रकूट के बरगढ़ में रह रहें हैं गंदगी के बीच

जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, गांव बरगढ़, मजरा गोड़हन स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार गांव अउर शहर सगले शौचालय बनवावत हवैं। पै हिंया के रामसागर पूजा, संध्या अउर रामकली अबै भी शौचालय नहीं मिले आहीं।इं चारों विकलांग हवै यहै खातिर शौचालय बाहर जाये मा बहुतै परेशानी होत हवै पै अबै भी इं शौचालय खातिर बाहर जाये का मजबूर हवै।
पांव से विकलांग रामसागर का कहब हवै कि टट्टी खातिर लोटा लइके बाहर जाये का पड़त हवैं अउर बैसाखी भी लिये रहत हौं। लोटा अउर बैसाखी संभाले मा बहुतै परेशानी होत हवै हमार मुहल्ला मा दुई तीन मड़इन के शौचालय बने हवैं दूसर मुहल्ला मा शौचालय बन चुके हवैं। विधायक से शौचालय बनवावै खातिर कहे हन। पै कुछौ सुनवाई नहीं भे आय।
रामकली बताइस कि मोहिका आंखी से नहीं देखात आय। टट्टी खातिर बाहर जात हौं तौ लड़कन के हाथ पकड़ के जाये का पड़त हवै। विपद बहादुर बताइस कि मोर लड़की पूजा डेढ़ साल से विकलांग हवै।वहिका टट्टी खातिर घर मा बइठइत हन फेर एक हफ्ता मा सफाई करित हन।प्रधान कहत हवै तुम्हार बी.पी एल.मा नाम नही आय तौ शौचालय न मिलीहैं। हाथ से विकलांग संध्या बताइस कि जबै शादी नहीं भे रहै मैं तबै से विकलांग हौ। शौचालय न होय से बाहर जाये मा बहुतै परेशानी होत हवै सगले मड़ई देखात हवैं।
प्रधान प्रतिनिधि गुलाब सिंह का कहब हवै कि सपा शासन मा शौचालय आय रहे। जबै विकलांग खातिर शौचालय अइहैं तौ दीन जई।
मऊ ए. डी. ओ. शिवा कांन्त मिश्रा का कहब हवै कि शौचालय सौ गाँव खातिर आये रहै। मजरा खातिर जबै शौचालय अइहै तौ विकलांगन का दीन जइहै दिसम्बर तक सगले शौचालय बन जइहैं।

रिपोर्टर- सुनीता देवी

15/05/2017 को प्रकाशित