सेहतमंद मां और बच्चा – डिलेवरी केन्द्र मा अव्यवस्था

सरकारी आस्पताल मा मरीज
सरकारी आस्पताल मा मरीज

जिला बांदा ब्लाक महुआ, कस्बा महुआ। हेंया के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मा ब्यवस्था के कमी है। दवाई करावै अउर डिलेवरी करावै।आई मेहरिया आपन समस्या कुछ इनतान बताइन।
ब्लाक बड़ोखर खुर्द, गांव भरखरी के राम देवी कहिस कि वा हेंया डिलेवरी करावैं 2 मार्च 2014 का आई है। हेंया सिर्फ कम्बल भर मिला है। वहिका चाहे ओढ़ लेव या दसाय लेव। चद्दर तौ दूर है बच्चन के तरे बिछावैं वाली पन्नी भी नहीं मिली आय। खुरहण्ड गांव से डिलेवरी करावैं आई प्रियंका अउर वहिके बहिनी बिमलेश कहत है कि अस्पताल मा बच्चा अउर महतारी का बचावैं खातिर बिस्तर के बहुतै जरूरत है। साफ सफाई होब भी बहुतै जरूरत है। हेंया न तौ बिस्तर मिलै न ही साफ सफाई होत आय। हमार एक रात काटब मुश्किल है। खुरहण्ड गांव के मजरा जुगुल पुरवा से आई आशा कहत है कि वा 3 मार्च 2014 का हेंया डिलेवरी करावैं आई है। दूनौ जून नाश्ता तौ मिला है पै खाना नहीं मिला आय।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के दाई सुशीला कहत है कि चद्दर, कम्बल, पन्नी अउर खाना सबै मिलत है। 3 मार्च 2014 का या अस्पताल के डाक्टर कानपुर चली गे है। या मारे इनका या सब नहीं मिला आय। महुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक एम.सी. पाल का कहब है कि चद्दर, कम्बल अउर पन्नी के व्यवस्था है। अस्पताल आये मड़इन का सब दीन जात है। मड़ई चोरी कई लेत है। कतौ कतौ धुलै भी चले जात हैं या मारे कतौ कउनौ मड़ई का चद्दर, कम्बल अउर पन्नी न मिल पाई होई।

वरिष्ठ स्वास्थ्य सलाहकार के बतावैं के हिसाब से अगर वा अस्पताल मा महीना मा दस डिलेवरी होत हैं तौ डिलेवरी करावैं के सब व्यवस्था करब स्वास्थ्य विभाग पूरी तान से जिम्मेदार है। चाहे वा बिस्तर, खाना नाश्ता या फेर चैकीदार के ही व्यवस्था काहे न होय। बिस्तर चोरी होत हैं तौ भी स्वाथ्य विभाग ही जिम्मेदार है।