सेवइयों की मिठास के साथ ईद-उल-फितर मुबारक

साभार एक महीने के रोजे के बाद रोजेदारों की मेहनत का दिन यानि ईद-उल-फितर आ गई है। ईद की तैयारियों की चमक से बाजार रात भर जगमगा रहे हैं। तो ईद में नये कपड़े में सुन्दर दिखने की चाहत से हर इंसान बजार में खुद की पसंद के कपड़े खरीदने में व्यस्त है। त्यौहार की बात हो तो पकवान को हम कैसे भूल सकते हैं। सेवइयों की मिठास के साथ कबाब का तीखा और चटपटापन मुंह में पानी ला देता है। बाजारों की यही चमक दिखाने के लिए हम चले बांदा और चित्रकूट के बाजारों में। जहां कपड़ों के नये डिजाइनों से बाजार सजे हैं, तो वहीं सेवइयों से भरी दुकानें भी देखने में सुन्दर लग रही हैं।

चित्रकूट में कपड़ों की दुकान चलाने वाले साहिल त्यौहार में होने वाली खरीदारी से खुष हैं और हो भी क्यों न लोगों बिना ज्यादा तोलमोल के सामान खरीद जो लेते हैं। वह कहते हैं कि लड़कों के लिए इस बार ईद में एकल लेन्थ जीन्स, चेक ट्राउजर के साथ डेनिम शर्ट और डिजाइनर शर्ट चलन में हैं। ईद की शॉपिंग करने के लिए आए चित्रकूट के सलमान कपड़े पसंद करते हुए बोलते हैं कि दो शर्ट और पेंट ले ली हैं। पर इतने से नहीं होगा क्योंकि ईद के साथ अलविदा की नवाज के लिए भी कपड़े लेने होंगे। सलमान की परेशानी समझ आती हैं क्योंकि मंहगाई बढ़ती जा रही हैं और हमें भी त्यौहारों को रस्मी तौर सही लेकिन मनाना तो पड़ ही रहा है। लड़कों के फैशन पर जाने के बाद हमनें चित्रकूट के दुकानदार दीपक से बात की तो उन्होंने बताया कि अब लड़कियां और औरतें ज्यादा चमक-धमक पसंद नहीं करती हैं। सादे गाउन और टॉप लड़कियां खरीद रही हैं।

वहीं खाने में सेवइयां से सजी दुकानें भी अपने ग्राहकों का इंतजार कर रही हैं। सेवइयों की मिठास के कारण ही तो इस ईद को मीठी ईद भी करते हैं। बांदा के दुकानदार मोहम्मद मेराज कहते हैं कि खाने में तो वहीं सब चलता है, गोश्त जैसे मुर्गा, मछली और सेवइयां। मोहम्मद मेराज का मानना है कि खाने में पहले के समय से अब के समय में बहुत कुछ नहीं बदला है। ईद के भोजना की बात करते हुए मोहम्मद मेराज के चेहरे की खुशी पकवान के बेहतरीन स्वाद को साफ बता रही थी।

तो बाजार की चमक के साथ सुन्दर कपड़े पहनकर स्वादिष्ट पकवान के मजे लें। सबको प्यार-मोहब्बत का ये त्यौहार यानि ईद मुबारक।

साभार: अलका मनराल