सेल्फी ले कर फंसी महिला आयोग सदस्य

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राजस्थान, महिला आयोग की सदस्य सौम्या गुर्जर ने 29 जून को अपने फ़ोन से एक सेल्फी  ली जिससे विवाद उठ गया है। अपनी खींची इस सेल्फी में सौम्या गुर्जर को एक ऐसी महिला के साथ देखा जा सकता है जिसका कथित तौर पर बलात्कार हुआ था।

सौम्या गुर्जर आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा के साथ जयुपर के एक महिला थाने में कथित तौर से इस शिकायतकर्ता  से मिलने गई थीं।

महिला आयोग की सदस्य सौम्या गुर्जर ने जो सेल्फ़ी खींची उसमें आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा को भी साफ देखा सकता है। इन्टरनेट पर ये तस्वीर हज़ारों लोगों तक पहुंची, जिसकी लोगों ने निंदा की।

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बने महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की हिफाज़त करना है। बलात्कार और यौन हिंसा के मामलों में शिकायतकर्ता का नाम और चेहरा दिखाने की कानूनी अनुमति नहीं होती है।  लेकिन इस सेल्फी के बाद महिला आयोग ही कटघरे में खड़ा हो गया है.

यह सरासर महिला आयोग के नियमों का उल्लंघन करना है. इस घटना के बाद महिला आयोग सदस्य पर उनके काम और भूमिका पर कई सवाल उठने लगे।  इस बढ़ते विवाद को देखते हुए आरोपी सौम्या गुर्जर ने अपना इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भेज दिया है।

सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को इस मामले पर तलब किया है। साथ ही राजस्थान आयोग की सदस्य और प्रमुख को इस ‘अति असंवेदनशील’ काम के लिए उनकी आलोचना भी की है।

महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा, “महिला आयोग सदस्य ने जब सेल्फ़ी खींची उस समय मैं महिला से बात कर रही थी. मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये सेल्फ़ी  कब ली गई। ऐसी किसी भी चीज़ का मैं समर्थन नहीं करती हूं और मैंने उनसे लिखित में जवाब भी मांगा है।”