सुषमा स्वराज के दखल के बाद पासपोर्ट विवाद में उलझे दंपति को मिला पासपोर्ट

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लखनऊ के पासपोर्ट ऑफिस में धर्म के नाम पर हिंदू-मुस्लिम दंपति को अपमानित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी का आरोप है कि दस्वतावेजों की जांच के दौरान पासपोर्ट अधिकारी ने उनके सरनेम को लेकर आपत्तिजनक सवाल पूछे और उनका मजाक उड़ाया।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ पासपोर्ट सेवा केंद्र में हिंदू-मुस्लिम दंपति को पासपोर्ट के नाम पर अपमानित करने के मामले में कार्रवाई की गई है। पीड़ित की शिकायत पर पासपोर्ट अधिकारी को पासपोर्ट सेवा केंद्र की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यह पूरा मामला 20 जून का है। तन्वी सेठ नाम की महिला अपने पति अनस सिद्दीकी के साथ पासपोर्ट आवेदन के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंचीं थीं।
तन्वी सेठ का आरोप है कि दस्वतावेजों की जांच के दौरान पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने उनके और उनके पति के सरनेम को लेकर सवाल पूछे और उनका मजाक उड़ाया। यही नहीं अधिकारी पर आरोप है कि उसने अनस सिद्दीकी को धर्म बदलने के लिए भी कहा।
पीड़ित तन्वी सेठ के अनुसार, शुरुआती दो काउंटर्स पर उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन जब वह तीसरे काउंटर पर पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र के पास गईं तो अधिकारी उनके धर्म को लेकर अपत्तिजनक सवाल पूछने लगे। इसका विरोध तन्वी और उनके पति अनस सिद्दीकी ने किया। साथ ही तन्वी सेठ ने पूरे मामले की शिकायत पीएमओ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से ट्वीट कर की। तन्वी की शिकायत के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। साथ ही पीड़ित दंपति को उनका पासपोर्ट भी उन्हें दे दिया गया है।
इस मामले में लखनऊ पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरफ से बयान आया है। इस मामले को लेकर पासपोर्ट सेवा केंद्र ने पीड़ित दंपति से माफी मांगी है। साथ ही नोटिस का जवाब मिलने के बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। पासपोर्ट सेवा केंद्र की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि आगे इस तरह की गलती नहीं होगी।
अनस सिद्दीकी का कहना है कि सरनेम नहीं बदलना उनका पारिवारिक मामला है, ऐसे में इससे किसी दूसरे को क्या परेशानी है।