सुरेश जोशी बने आरएसएस के नए सरकार्यवाह, दिया अयोध्या मन्दिर पर बयान

साभार: विकिपीडिया

सुरेश जोशी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि राम मंदिर बनना तय और उस जगह कुछ और नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि कोर्ट में जमीन के मालिकाना हक पर निर्णय आने के बाद मंदिर बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कोर्ट के बाहर समझौते के कदम का भैया जी ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंदिर को लेकर अगर सहमति बने तो अच्छी बात है, लेकिन सालों के बाद ये लगता है ऐसा हो नहीं पा रहा है। उन्होंने कहा कि आम सहमति बनती है वे इसका स्वागत करेंगे।
जोशी ने त्रिपुरा में बीजेपी सरकार आने के बाद वहां लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटना की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि लेनिन की प्रतिमा को तोड़ा गया, इसकी संघ निंदा करता है। इस दौरान उन्होंने केरल में राजनीतिक हत्याओं का भी मुद्दा उठाया।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयं सेव संघ के सरकार्यवाह के तौर पर एक बार फिर सुरेश जोशी को चुन लिया गया है। उन्हें लगातार चौथी बार ये जिम्मेदारी मिली है। जिसके बाद अब 2021 तक वो संघ के सरकार्यवाह का पद संभालेंगे।
बता दें कि नागपुर में शनिवार को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में जोशी को सरकार्यवाह निर्वाचित करने का निर्णय लिया गया। जोशी पिछले नौ साल से आरएसएस के सरकार्यवाह के पद पर हैं।

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