सुन्दरीकरन खे मांग

जंगल बनो पार्क
जंगल बनो पार्क

जिला महोबा, ब्लाक चरखारी, कस्बा चरखारी, वी पार्क। ई पार्क सौ साल पुरानो आय। जोन बीसन साल से बिना सुन्दरीकरन खे परो हे। एई से एते के आदमी ऊखे सुन्दरीकरन खे मांग करत हें।
हेमन्त दीक्षित, भानु प्रकाश ओर निशार अहमद के साथे दसन आदमियन ने बताओ कि जा पार्क अंग्रेजन खे जमाने को बनो आय। जोन पांच मोहल्लन (भैरव गंज, कजयाना, छोटा रमना, सदर बाजार ओर बासदेव) के बीच में बनो हे। जा पार्क सरकारी नक्शा में विवेकानन्द पार्क के नाम से दर्ज हे, पे नगर पालिका के करमचारियन ने लापरवाही खे हद कर दई हे। काय से पार्क में लगी मरकरी फुंकी परी हें, ओर दरवाजा भी सालन से टूटो परो हे। जीसे ओते छिरिया बुकरिया घुस जात हें, ओर पेड़ पौधन खे खात रहत हंे। रामप्रकाश बताउत हें कि जभे से हमने देखो हे तभे से ई पार्क एसई परो हे। न कभऊं माली आउत आय न कभऊं सफाई होत आय। ईखा फायदा दारू पिये वाले आदमी उठाउत हें। ऊ दारू पी के शीशी ओतई फेंक देत हें। ईखी सफाई ओर सुन्दरीकरन खे लाने केऊ दइयां मौखिक ओर लिखित दरखास नगर पालिका में दई हे, पे कोनऊ ध्यान नई देत आय।
चरखारी नगर पालिका की चेयरमेन रूख्साना खातून के आदमी मुइनुद्दीन ने बताओ कि ऊ पार्क को नवीनी करण दुबारा से कराओ जेहे। ईखे लाने शासन के एते से तीन लाख सत्तर हजार को बजट भी पास हो गओ हे। जल्दी काम शुरू हो जेहे।