सीटें न मिलने पर खिलाड़ियों को मजबूरन ट्रेन के फर्श पर सोना पड़ा

साभार – विकिमीडिया कॉमन्स

जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप से भाग लेकर वापस रही दिल्ली के 30 खिलाड़ियों की टीम केवल दो सीटों की पुष्टि के साथ मजबूरन ट्रेन के फर्श पर सोने को विवश हो गई
खिलाड़ियों ने विजयवाड़ा से 30 घंटे की यात्रा पूरी की
खिलाड़ियों का कहना था किहम पिछले दो दिनों से बेहद दर्द से गुजर चुके हैं कुछ खिलाड़ी घंटों तक खड़े रहे,  थोड़ी देर आराम करने के लिए कोई सीट भी नहीं थी। हममें से कुछ शौचालयों के पास सो गए इन्ही में से एक खिलाड़ी ने अपनी सीट बुक करायी थी लेकिन उसे दुःख था कि उसके दोस्त सीट नहीं पा सके इसलिए उन्होंने एक वीडियो भी बनाया और फेसबुक पर इसे अपलोड किया।
एक अन्य खिलाड़ी ने कहामेरा शरीर अब भी चोट लगी है मैं अब अस्पताल में हूं और फिजियोथेरेपी के दौर से गुजर रहा हूं। मेरी मांसपेशियों में पहले से दर्द था जो अब बढ़ चूका है
दिल्ली खिलाड़ियों के संघटन के सचिव संदीप मेहता ने कहा कि हम टिकट बुक नहीं कर सकते हैं जब तक कि हमें एक पुष्टि की तारीख नहीं मिलती। हमें केवल 19 अक्तूबर को अंतिम तिथियों के बारे में पता चल गया था और हम टिकट खुद बुक कर चुके हैं विजयवाड़ा को टिकट की पुष्टि नहीं हुई थी इसलिए समस्या हुई