सिंघाड़ा एक गुण अनेक, चलिए चित्रकूट के बघौड़ा गांव में खाएं देशी सिंघाड़े

सिंघाड़ा ठण्डी के मौसम मा उगे वाला फल अउर सब्जी आय। यहिमा आयरन अउर कैल्शियम होत हवै जउन शरीर खातिर फायदा करत हवै। सिंघाड़ा का ज्यादातर मड़ई उबालकर खात हवै, यहिकर सब्जी भी बनत हवै। सिंघाड़ा एक फल आय तौ व्रत मा भी मड़ई खात हवैं। सिंघाड़ा का आटा बारों महीना बाजार मा मिलत हवै व्रत मा मड़ई सिंघाड़ा के आटा से हलुवा, लपसी, लड्डू अउर पूड़ी बना के खात हवैं पै सिंघाड़ा के खेती कसत होत हवै आओ जानी चित्रकूट जिला के बघौड़ा गांव के मड़इन से।
सुन्दरा अउर चित्रा देवी बताइन कि सावन के महीना मा सिंघाड़ा लगावा जात हवै।जबै सिंघाड़ा बड़े होइ जात हवैं तौ वोट मा बइठ के टोरित हवै। छोटकी बताइस कि हिंया से मड़ई दस-दस किलो खाय खातिर सिंघाड़ा लइ जात हवैं।
रिपोर्टर-सहोद्रा

Published on Nov 29, 2017