साहब आप आयें तो हमाई जिन्दगी बदल जेहे

अपने खाली खेत को निहारता बुढ़ा किसान
अपने खाली खेत को निहारता बुढ़ा किसान

महोबा जिला में सूखा के कारन किसान ओर गांव की समस्या जाने के लाने 13 जनवरी खा अत्तर प्रदेश सचिव आलोक रंजन आये हते। सचिव आलोक रंजन के दौरा के कारन रैपुरा कला गांव की किस्मत ही बदल गई हती। बीस साल की खराब सड़क, छह महीना के खराब हैण्डपम्प बन गये। जीसे गांव के आदमी बोहतई खुश हे। कहत हे की साहब हर महीना आप दौरा में आयें तो हमाये गांव की ही नई परिवार की जिन्दगी बदल जेहे। दस साल से बजट न होंय को बहाना करत हते। जीसे  हम गिलाव से निकरें खा मजबूर हते बूंद-बूंद पानी खा भटकत हते। सोचे वाली बात जा हे की का कारन हतो जोन दस साल पेहले को काम आज भओ हे। सरकार केती को भेजो गओ बजट किते गओ? का बड़े नेता, मंत्री जा अधिकारी के आयें पे जा सब काम करायें के लाने बजट किते से आ गओ। रातों रात गांव चमक गओ हे। का सरकारी कर्मचारियन को अपने वेतन से पेट नई भरत हे। जो गरीब जनता के साथे एसे करो जात हे। ई सवाल के जवाब जनता खा बोहतई इन्तजार हे। सरकार खा ई बात को जवाब अपने कर्मचारियन से लेय खा चाही? तभई जा समस्या दूर हो सकत हे।