सही तरीका से नाय मिलत योजना कै लाभ

फैजाबाद अउर अम्बेडकरनगर मा शौचालय कै यतनी खराब स्थित बाय कि ग्रामीणन का सुविधा मिलते हुए भी योजना कै लाभ नाय मिल पावत बाय। जहां मनइन का लाभ मिला भी वहिं आधा-अधूरा। जवन के इस्तेमाल काबिल भी नाय बाय।
फैजाबाद हुवय या अम्बेडकरनगर हर जगह शौचालय कै समस्या बरकरार बाय। मनई शौच मा जाए का मजबूर अहै। खुले मा शौच जाब मनइन कै मजबूरी बनिगै बाय। सरकार कै नारा भी बाय कि घर-घर शौचालय बनवाये बहू बेटिया दूर न जाये। लकिन ई नियम हर जगह नाय भै बाय। सरकार तमाम प्रकार कै योजना निकारे बाय। जेसे मनइन के घर-घर षौचालय बनै। अउर खुले मा शौच खातिर ना जाए का परै। जवन गांव लोहिया घोषित भै वहि गांव मा भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनिगा। लकिन कउनौ कै गड्ढ़ा अधूरा तौ कउनौ कै शौचालय घर सकरा बाय। जवन चाह के भी इस्तेमाल के लायक नाय बाय। कउनौ शौचालय मा ईट पाथर भरा बाय तौ कउनौ मा दरवाजा नाय लाग बाय। फिर कउने प्रकार से सही तरीका कै लाभ मिला। कागजन मा घर-घर शौचालय देखाय दीनगै चाहे सही प्रकार से सुविधा मिली हुवय या नाय।
योजना कै लाभ दियै के बाद शासन-प्रशासन का सर्वे करै का चाही। कि सही प्रकार सुविधा मिली या नाय। शौचालय कै इस्तेमाल हुवय बाय कि नाय। अगर बने के बादौ मनई खुले मा शौच जाए का मजबूर अहैं तौ यहि योजना कै लाभ मिले कवन फायदा?