सहमति क्यों है जरुरी?

wwwइस लेख के द्वारा हम शरीर और सेक्स से जुड़ी जरुरी बातों के साथ हर हफ्ते आपको सहमति और सहमति के कानून के बारे में आपको बतायेंगे।
शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए सबसे पहले आपसी सहमति की आवश्यकता होती है। यदि सहमति न हो तो वह अपराध की श्रेणी में आता है।
इस कड़ी में जानिए कौन से कानून कब और क्यों बनाये गये…
यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012
अठारह साल से कम आयु के व्यक्तियों, जिनको बालक के रूप में समझा जाता है, के विरूद्ध यौन अपराधों से निपटता है। इस अधिनियम में पहली बार ‘यौन प्रहार’ एवं ‘यौन हमला’ को परिभाषित किया है। यदि किसी पुलिस अधिकारी, लोक सेवक, रिमांड गृह, संरक्षण या प्रेक्षण गृह, जेल, अस्पताल या शैक्षिक संस्था में स्टाफ के किसी सदस्य द्वारा या सशस्त्र अथवा सुरक्षा बलों के किसी सदस्य द्वारा यह अपराध किया जाता है तो उसे और गंभीर माना जाता है।
यह अधिनियम यौन हमला, यौन उत्पीड़न एवं अश्लील साहित्य के अपराधों से बच्चों की रक्षा का प्रावधान करने के लिए एक व्यापक कानून है। इसमें ऐसे अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है जिन्हें अपराध की गंभीरता के अनुसार श्रेणी में रखा गया है।

साभार: एजेंट्स ऑफ़ इश्क