सर्टिफिकेट कोन काम के?

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दुनु भाई विकलांग

जिला शिवहर, प्रखण्ड शिवहर, पंचायत, गांव कुशहर धोबरिया टोला, वार्ड नम्बर सात। उहां सुरेन्द्र पासवान के दुगो बेटा हई अमरेश अउर कमलेश। इ दुनु भाई गर्दन से लेके पुरा शरीर से विकलांग छथिन। जिनकर विकलांग सर्टिफिकेट तीन साल पहिले बनलई लेकिन अभी तक पेंशन न मिल रहल हई।
इनकर माई चम्पा देवी कहलथिन कि हमरा पांच गो बच्चा हय दुगो बेटी, तीन गो बेटा जेईमें दुगो बेटा कमर से लेके पैर तक बेकामिले हई। इहां तक कि हाथों से न खाय होई छई। बच्चा से इ निमने रहई चार-पांच साल पहिले बोखार लगलई त पोलियों मार देलई। गोदी उठाके विद्यालय में पढ़ेला रख अबई छी त पढ़ई छई। कमलेश के दादी फुलवा देवी कहलथिन कि तीन साल विकलांग सर्टिफिकेट के बनला हो गेलई लेकिन न पेंशने मिलई छई, न ट्राई साईकिल रहतियई त उहो अपन चलतियई चाहे पढ़ू जतियई।  पंचायत से लेके प्रखण्ड जिला तक दौड़ धूप कईली लेकिन हमर बात कोनो अधिकारी न सुनलन।
मुखिया ललिता देवी के पति प्रमोद सहनी कहलथिन कि यदि उ हमरा पास कागज जमा कयले रहथिन उनकर पेंशन पास हो गेलई। पेशन अउर विधवा पेंशन के रूपईया पंचायत में मिलवे न कलईय अतई त देल जतई। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी शिवनन्दन प्रसाद कहलथिन कि यदि विकलांग सर्टिफिकेट बनल हई त प्रखण्ड में आर.टी.पी.एस. काउन्टर पर फॉर्म जमा करथिन त उनकर विकलांगता चालीस प्रतिशत से ज्यादा होतई त पेंशन देल जतई।