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 बाले को बिलखत परिवार
बाले को बिलखत परिवार

जिला महोबा के अलग-अलग ब्लाक ओर अलग अलग गांवन में आगी लगी हे। चरखारी ब्लाक के अकठौंहा गांव में 30 मई 2013 खे घर में आगी लगे से तीन कमरा जल खे राख हो गए हे। जीमें पुलिस ने ऊखे खुद पकर के मुकदमा लिख जेल भेज दओ हे। दूसरी तरफ कबरई कस्बा के विशाल नगर मोहल्ला में 7 जून 2013 खे आगी लगे से बाले बसोर खुद जल खे मर गओ हे। जीमें पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम करा के मुआवजा देय की बात कहत हे। अकठौंहा गांव की रामदेवी ओर ऊखी बिटिया गोमती ने बताओ कि 30 मई 2013 खे दोपहर में नहर नहाये गई हती। जभई गांव के सुरेन्द्र कुमार प्रजापति ने पुरानी रंजिस खा लेके मोए घर में आग लगा दई हती। जीसे गांव वालो ने आग बुझाए की कोशिश करी, पे पानी दूर होय से आगी में कोनऊ असर नई परो। जीसे मोए तीन कमरा, भूसा, अनाज, जेवर ओर अस्सी हजार रूपइया जल खे राख हो गओ हे। सुरेन्द्र ने चरखारी कोतवाली में फोन करके मोए आदमी ओमकरन खा पकरा के जेल भेजवा दओ हे।
सुरेन्द्र कुमार प्रजापति ने बताओ कि मे घर में न हतो न मेने आग लगाई हे। पुलिस आग बुझाए वाली मशीन के साथे आई हती।
चरखारी कोतवाली के कांस्टेबिल राम प्रसाद ने बताओ कि ऊने दारू पी के अपने घर में आग लगाई हे। एई से ऊखे ऊपर मुकदमा अपराध 654/13 धारा 436 के तहत जेल भेज दओ हे। लेखपाल नारायण सिंह ने बताओ कि मेंने ओते जाके मुआयना करो हे। दैविक आपदा से लगी आग को मुआवजा मिलत हे। ऊने अपने से आग लगाई हे एई से ऊखे मुआवजा मिले की सम्भावना नइयां। एसई कबरई कस्बा में आगी लगे से लगभग पैंतालिस वर्षीय बाले बसोर की मोत हो गई हे। बाले की ओरत सुनीता ने बताओ कि 7 जून 2013 खें में अपने बच्चन के साथै निमन्त्रण चली गई हती। रात में खाना बना के आग नई बुझाई जीसे आगी उड़ के कपड़ा में लग गई ह,े जीसे ऊखी मोत हो गई हे। मोए पांच बच्चा हे में अब उन्हें केसे पालहों मोओ आगे को कोनऊ सहारा नइयां।
कबरई क्षेत्र को कानूनगो नाथूराम ने बताओ कि अभे ऊखे पोस्टमार्टम कि रिर्पोट नई आई आय। जभे रिपोर्ट आ जेहे तो डेढ़ लाख रूपइया दैविक आपदा के तहत लाभ मिलहे।