सरकारी विज्ञापनों के खर्च की कीमत पर 46 लाख बच्चों को मिल सकता हैं भरपेट भोजन

सरकारी विज्ञापनों से हमारे अखबार और सड़के भरी पड़ी रहती हैं, पर क्या कभी आपने सोचा है कि सरकार इन विज्ञापनों पर कितना सरकारी धन खर्च करती है? तो जानते हैं। सरकारी विज्ञापन के खर्चे में 46 लाख बच्चे मिड डे मील के तहत एक साल तक भोजन ले सकते हैं, वहीं मनरेगा के 20 लाख मजदूरों को एक दिन का काम मिल सकता है।

भारतीय जनता पार्टी शासित केन्द्रीय सरकार 4,880 करोड़ रुपये अप्रैल 2014 से जुलाई 2018 तक खर्च कर चुकी है। ये बात राज्यसभा में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताई। वहीं कांग्रेस शासित पूर्व सरकार ने मार्च 2011 से मार्च 2014 तक 2,048 करोड़ रुपये खर्च किए थे। ये बात सूचना के अधिकार के तहत पता चली है।

4,880 करोड़ विज्ञापन खर्च में से वर्तमान सरकार ने 292.17 करोड़ रुपये अपनी चार बड़ी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटस् मिशन, सांसद आदर्श ग्राम योजना पर खर्च किए हैं। आपको बता दें कि इन विज्ञापनों में अखबार से लेकर ऑडियो-विडियो विज्ञापन भी शामिल हैं, जिनमें 2016 से 17 तक सरकार ने अखबार के विज्ञापनों पर पैसा कम खर्च करके ऑडियो-विडियो पर ज्यादा खर्च किया, तो वहीं 2017 से 18 में सरकार अखबारों में विज्ञापन पर अपना खर्च बढ़ा चुकी है।