समस्या एक, कारन अनेक

baanda gaonबांदा जिला के चार ब्लाक के कइयौ गांव इनतान के हैं जहां हैण्डपम्प अउर कुंआ के समस्या है। नरैनी ब्लाक का गांव कल्यानपुर मा तीन हैण्डपम्प सालन से खराब हैं। बड़ोखर खुर्द ब्लाक का गांव तिन्दवारा मा एक साल से तीन हैण्डपम्प बिगड़े पड़े हैं। तिन्दवारी ब्लाक का गांव बेंदाघाट के चैराहा का हैण्डपम्प चार महीना से खराब है। नरैनी ब्लाक का गांव डढ़वामानपुर के दुई हैण्डपम्प हैं। जिनके ठीहा एक साज से नहीं बने आय। महुआ ब्लाक का गांव सरस्वाह का कुंआ बीस साल से सफाई खातिर परा है, पै इं समस्यन का कउनौ गांव के प्रधान ध्यान नहीं देत आय।
कल्यानपुर का जगप्रसाद बताइस कि हमार हेंया दुई सौ मीटर की दूरी मा तीन हैण्डपम्प लाग हैं जउन तीनौं बिगड़े पड़े हैं। जइसे एक हैण्डपम्प दस साल से बिगड़ा है। दूसर हैण्डपम्प एक साल से अउर तीसर हैण्डपम्प डेढ़ साल से बिगड़ा परा है। प्रधान नहीं बनवावत आय। प्रधान राजेन्द्र का कहब है कि तीनौं हैण्डपम्पन का रिबोर होई चुके है। हैण्डपम्प जेहिके दुवारे लाग हैं उंई उखाड़े नहीं देत आय। जबै कि नियम है कि जउन हैण्डपम्प का रिबोर होई जात है उनका उखड़ जाय का चाही, पै उंई यहिनतान लाग हैं।
यहिनतान तिन्दवारा गांव मा तीन हैण्डपम्प एक साल से खराब हैं। पानी भरैं खातिर बहुतै परेशानी मिलत है। प्रधान अनिल का कहब है कि मोर ग्राम पंचायत मा हैण्डपम्प लाग हंै तौ दुई चार बिगड़े ही परे रहत है। एक कइत मिस्त्री लाग रहत है। अब उंई हैण्डपम्प का सुधार दीन जई।
यहिनतान बेंदाघाट का हैण्डपम्प चार महीना से बिगड़ा है जबै कि या हैण्डपम्प बीच चैराहा मा लाग हैं, पै प्रधान नहीं बनवावत आय। या समस्या गांव के कल्लू अउर अजय बतावत रहैं। प्रधान विवेक का कहब है कि पानी बहैं का जघा निहाय। बीच रोड मा पानी भरा रहत है। दिन भर हजारों मड़ई निकरत हैं। दुकान परत है। यहिसे हैण्डपम्प नहीं बनवावा जात आय।
यहिनतान गांव डढ़वामानपुर का मजरा गोबरी गोड़रामपुर मा दुई हैण्डपम्प लाग है।। जिनके ठीहा नहीं बने आय। हैण्डपम्प हालत है अउर बालू निकरत है, पै जब से लाग है तबै से प्रधान एकौ दिन देखैं नहीं आवा आय। प्रधान शान्ती का लड़का लाला बताइस कि या हैण्डपम्प विधायक कोटा से लाग है। अब विधायक से कहिके बनवा दीन जई। यहिनतान सरस्वाह गांव का कुंआ बीस साल से सफाई खातिर परा है। जेहिसे दलित बस्ती मा पानी खातिर परेशानी मिलत है। हैण्डपम्प मा मोहल्ला वाले पानी नहीं भरैं देत आय, छुआछूत मानत हैं। हमार कंुआ साफ होई जाय तौ नींक होई जाय। काहे से पानी खातिर हेंया होंआ भटकैं का परत है।
प्रधान अम्बिका प्रसाद का कहब है कि अबै नये हैण्डपम्प नहीं आये आय कि लगवा दीन जाय। जबै मनरेगा का बजट होई तौ कुंआ के सफाई करवा दीन जई।