सफाई कर्मियों की भी सुनें

जिला चित्रकूट। जिले में कुल छः सौ तेइस सरकारी सफाई कर्मी नियुक्त हैं। जबकि संविदा में तिरेपन सफाई कर्मी हैं।
ब्लाक मानिकपुर, गांव रानीपुर के मोहन दस साल से सफाई कर्मी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पूरे गांव की सफाई अकेले करनी होती है। उनके अनुसार अगर देखा जाए तो इस गांव की सफाई के लिए कम से कम दो लोगों की ज़रूरत है। ऊपर से वेतन भी समय पर नहीं मिलता है।
ब्लाक मऊ, गांव हर्दीकला में सफाई कर्मी प्रकाष और कोलमजरा गांव में सफाई कर्मी भइयाराम हंै। दोनों का कहना है कि सफाई रोज़ होती है फिर भी लोग अपने घर का कूड़ा सड़क पर फेंक देते हैं।
ब्लाक रामनगर, गांव सिकरी में भगवानदास लगभग छः महीने से सफाई कर्मी हैं। उनका कहना है कि गांव को साफ सुथरा रखना सिर्फ सफाई कर्मी की जि़म्मेदारी नहीं है। कई बार सफाई होने के बाद भी सड़कों पर गंदगी दिखाई देती है।
ब्लाक कर्वी, कस्बा सीतापुर के सफाई कर्मी, जो संविदा पर हैं, उनको मानदेय समय से नहीं मिलता है। इतवार के दिन छुट्टी भी नहीं मिलती।
कर्वी नगर पालिका अधिषासी अधिकारी लालचन्द्र सरोज ने बताया कि संविदा के तहत सफाई कर्मियों को एक महीने में तैंतालिस सौ रुपए मानदेय दिया जाता है। इतवार की छुट्टी का नियम नहीं है। जिला पंचायती राज विभाग के जूनियर क्लर्क सुरेन्द्र चतुर्वेदी के अनुसार सभी कर्मियों को वेतन समय से दिया जाता है। अगर इसे लेकर कोई समस्या है तो सफाई कर्मियों को लिखित देना चाहिए।