सत्येंद्र दूबे की याद में

गया। 27 नवंबर 2003 को सिवान जिले के सत्येंद्र दूबे की गया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दूबे राष्ट्रीय हाईवे आयोग के साथ काम कर रहे थे।
सत्येंद्र दूबे की हत्या का कारण था उनकी सच्चाई औा ईमानदारी। दूबे ने गया जिले में हाईवे बनाने वाली बड़ी कंपनियों और स्थानीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाए थे और सीधे प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। हालांकि दूबे पहीं चाहते थे कि मामले में उनका नाम आए, जब आयोग में बात पहुंची तो दूबे के लिए मुश्किलें बढ़ गईं और एक साल बाद उन्हें गोली मार दी गई। इस घटना के कारण देश को भी महसूस हुआ कि ऐसे लोगों की सुरक्षा के लिए खास कानून होना चाहिए।