संघर्षों से जूझकर आगे बढ़ते हुए महोबा की पत्रकार आकांक्षा

जिला महोबा, शहर महोबा हम टीवी पे एक एसी महिला पत्रकार देखत जो समाचार पढ़ रई होत। महोबा जिला की एसी ही महिला पत्रकार आकांक्षा शुक्ला जिन ने पत्रकारिता में पांव जमाए रखबे के लाने बोहतई संघर्ष करो। आकांक्षा महोबा जिला से एक मात्र संवादिता हे। बोहतई हैरानी की बात हे के पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़बे से पत्रकारन ने ही रोको।
आकांक्षा को सोशल मिडिया पे वैश्या कह के अपमानित करो गओ पत्रकार इनको पिछो करत ते और इन पे मुकदमा भी लगाए। लेकिन उन ने अपनी परेशानीयन को जम के मुकाबला करो। और आज बे महोबा के न्यूज चैनल में पत्रकार हे
आकांक्षा अबे भी निडर होके अबे भी पत्रकारिता करत। इनके आगे भी केऊ सपने हे जो उन्हें हासिल कर हे।
आकांक्षा ने बताई के हमने पत्रकारिता जाके लाने सीखी हमे एक नइ पहचान मिलबे हमाओ नाम होबे हमे सम्मान मिलबे और आदमियन को हम नियाव दुआ सके। जई से हमने पत्रकारिता को चुनो।
काय के पत्रकार ही एसे होत जो अधिकारियन तक आवाज उठात और आदमियन को न्याय दुआत। हमाई पत्रकारिता में बाईस जने काम करत सब जने संगे काम करत। कोऊ लखनऊ कोऊ नोयडा से हे।
अनु शर्मा समाचार टू डे चैनल दीपक बाजपेई, आशा हुसैन एक और जने को हम सकल से जानत लेकिन नाम नइ पतो। जे आदमी जैसे ही हम पत्रकारिता की लाइन में जात ते तो आखन से इशारे करबो हमाय सामने गाड़ी लगा देत ते और कत ते के आओ मैडम हम पत्रकारिता करा दे। एसी केऊ हरकते हमाय संगे करी।
फिर हमने इनको विरोध करो एस पी साहब ने हमाई एक नइ सुनी न महोबा के आदमियन ने सुनी। फिर हमाओ पीछो करबो फिर हमाय ऊपर पंद्रह हजार को झूठो इजाम लगाओ हमे बदनाम करो। काय के हमने उनकी ऍफ़ आई आर वापिस नइ लइ ती मुकदमा दर्ज करा दओ तो।उनके खिलाफ आवाज उठाई ती
हमे वैश्या भी कई जी से हमाओ पूरो मानसिक संतुलन खो गओ तो के अब हम का करे। हमे लगत ती के पत्रकारिता छोड़ देबे लेकिन हम छोड़ भी नइ सकत ते। पत्रकारिता में आदमियन को ज्यादा सम्मान मिलत और ओरतन को कम काय के बे ओरत हे।
अगर कोनऊ महिला पत्रकार कोऊ के सामने जात तो उनके बारे में सब पूछत घर में को को हे किते से हो केसी हो और तो और उनके कपड़न पे भी सवाल करत जो नइ होने चाहिए। ओरतन को भी आरक्षण मिलो जो के आदमियन बराबर चले।
हम खबरे बोहतई अच्छे से कवर करत अगर कोनऊ भी खबर हे और आदमी बा खबर को दबाबो चाहत तो हम बाय ऊपर लेयात जी के लाने हमे धमकी भी मिलती। हमने एक गाजा व्यापारी को पकरबाओ तो और बाने हमे जान से मारबे की धमकी भी दई ती।
हमाय चैनल को नाम सन स्टार पेपर, नेशनल लाइव चैनल हेहिंदी खबर में भी काम करत ते लेकिन घरेलु काम के बजे से छोड़ दई अगर एक महिला आगे बढ़ रई तो उन्हें लगत के बाय दवाओं आगे नइ बढ़न देत।

रिपोर्टर- कविता देवी

31/05/2017 को प्रकाशित