शादियों में खास यह हुनर नहीं आम

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जिला चित्रकूट। शादियों का मौसम है। लड़की के घर वाले रंग बिरंगे और आकर्षक उपहार लड्डू, मिठाईयां, पूड़ी पकवान लड़के वालों के घर भेजते हैं। गांव में इन सब की पैकिंग के लिए खास तरह से बनी डलिया या जिन्हें ग्रामीण भाषा में टेपार कहते हैं, का इस्तेमाल होता है। डलिया को रंग बिरंगी मूंज से तैयार की जाती है। इसमें लड़की की सास ननद के लिए कुछ ख़ास तोहफे रखे जाने के साथ अन्य तरह की पैकिंग में भी इस्तेमाल होता है।
मऊ ब्लाक, लालतारोड कस्बा की राजकुमारी दस साल की उम्र से ही इस तरह की खूबसूरत डलिया बनाने का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि खेतों से मूंज तोड़कर पानी में भिगो दिया जाता है। भीगने के बाद इसमें अलग अलग रंग भरे जाते हैं। फिर इससे अपनी कल्पनाओं और अनुभव के जरिए हर साल कुछ नई तरह की टेपार बनाती हैं। एक टेपार बनाने में पंद्रह दिन लगते हैं। इसकी कीमत सात सौ से पच्चीस सौ रुपये तक होती है।