वोट मांगने चले आते हैं फिर भूल जाते हैं, ऐसा कहना है बाँदा जिले के सुदामापुरी के कुछ लोगों का

जिला बांदा, कस्बा बांदा, मुहल्ला सुदामापुरी हेंया 50 परिवार के गरीब मड़ई आपन-आपन झोपड़ी बना के रहत हैं।जबै भी चुनाव होत है तौ या मुहल्ला मा उम्मीदवार वोट ले आवत हैं। चुनाव के समय नल,बिजली, कलोनी समेत जाने केत्ते वादा करत हैं। पै जीते के बाद सब भूल जात हैं।
कल्लो देवी का कहब है कि हमें गल्ला बस मिलत है अउर कुछौ नहीं मिलत आय। हम उम्मीदवार से बिसवा दुई बिसवा जमीन दें का कहित हन पै उंई कहत है जब जीत जइबै तबै सुविधा मिली।
छिद्दी का कहब है कि मोहिका 15 सौ रुपिया बस मिलत है अउर हम गरीबन का कुछौ नहीं मिलत हैं। गल्ला नहीं मिलत आय। मांग के काम चलाइत हन। पहिले मायावती के राज रहा है अब मोदी का राज है अब आसरा है कि मोदी के राज मा सुनवाई होइ। या मुहल्ला खातिर कउनौ योजना आवत है, ई योजना हम तक नाय पहुंचत आय।इं योजना का लाभ तौ अधिकारिन अउर नेता का मिलत है अउर हमार योजना का सब रुपिया तौ बीच के मड़ई सब खा लेते हैं।
चुनकी का कहब है कि जबै चुनाव का समय होत है उम्मीदवार वोट ले बस आवत है कहत है कि वोट देव, घर दीन जई। नल, बिजली भी लगवा दीन जई। हम सगले दाउड़-धूप करित हन पै अधिकारी घूंस खा लेते है। हमें कुछौ लाभ नहीं देत हैं।हेंया उम्मीदवार वोट बस ले आवत है। हेंया के निवासी होय के सबै कागज है पै सुविधा कुछौ नहीं मिलत उम्मीदवार वोट बस मांगे आवत है।वोट दे के जब ऊई जीत जात हैं तब भूल जात हैं।

रिपोर्टर- गीता

15/02/2017 को प्रकाशित