वोट डालने जा रहे दलितों पर हमला

(फोटो साभार: विकिपीडिया)
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झारखंड, ज़िला गिरिडीह, ब्लाक जमुआ। यहां के कई गांवों में वोट डालने जा रहे दलितों पर हमला हुआ। दलित जाति के लोगों ने बताया कि ऊंची मानी जाने वाले समुदाय के भूमिहार जाति के लोगों ने वोट डालने से उन्हें रोका जब हम नहीं मानें तो लाठी, पत्थर और लात घूंसों से पिटाई कर दी। दूसरी तरफ भूमिहार जाति के लोगों का कहना है दलित जाति के लोगों को एक से ज्यादा बार वोट डालने से रोकने के दौरान यह मारपीट हुई। हालांकि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने का काम प्रशासन का होता है न कि स्थानीय लोगों का।
थाने में जो रिपोर्ट दर्ज है। उसमें सौ लोगों के नाम है, इनमें केवल नौ भूमिहार हैं बाकी दलित हैं।
यहां के गांव जियाटोली की रहने वाली देवानंती देवी ने बताया कि हम वोट डालने की लाइन में लगे थे। तभी लाइन से निकलकर एक लड़का बाहर आया और मुझसे और मेरे साथ खड़े मेरे ही समुदाय के कई लोगों से कहने लगा हटो वोट नहीं डालने देंगे। विरोध करने पर हमारी पिटाई की। इसी गांव के गनेश राय ने बताया कि 1995 में उनका मतदाता पहचान पत्र बना था लेकिन उन्होंने कभी वोट नहीं डाला। उनसे हर चुनाव में पहचान पत्र गांव के कुछ दबंग लोग ले जाते हैं। दुधवाटोली गांव के चार लोग गोवर्धन राय, लखन राय और नकुल राम, रीठा राय ने बताया कि उन्हें घर में ही कुछ दबंगों पिटाई की। इस गांव के लोग आजादी के बाद से पहली बार वोट डालने जा रहे थे।