वैज्ञानिकों को मिले धरती जैसे सात नए ग्रह

साभार: नासा/ट्विटर

नासा के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के आकार वाले सात नए ग्रहों को खोज निकाला है। वैज्ञानिकों को इन ग्रहों पर पानी मिलने की उम्मीद है, जिससे यहां जीवन की संभावना प्रबल हो गई है।

ट्रैपिस्ट-1 नाम का यह तारा एक छोटा खगोलीय पिंड है जो धरती से करीब 40 प्रकाश वर्ष दूर है। शोधार्थियों के अनुसार, इस सिस्टम की धरती से निकटता के चलते भविष्य के अध्ययनों को प्रोत्साहन मिलेगा। ट्रैपिस्ट-1 आकार में छोटा और ठंडा तारा है। जीवन की संभावनाओं को खंगालने के लिए जल्द ही इन ग्रहों के वातावरण का अध्ययन किए जाने की उम्मीद है।

साइंस जर्नल नेचरमें छपे लेख के अनुसार, पिछले अध्ययनों से पता चलता है कि ट्रैपिस्ट-1 नाम के इस तारे को तीन ग्रह घेरे हुए हैं। यह तीन ग्रह उन 35 हजार ग्रहों में से हैं, जिन्हें सौर मंडल के बाहर खोजा गया था।

वैज्ञानिकों का ध्यान अब ठीक तापमान वाले पृथ्वी के आकार के ग्रहों को खोजने पर है ताकि पानी या किसी भी अन्य द्रव्य पदार्थ की मौजूदगी और जीवन की संभावनाओं को खंगाला जा सके।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तारा ठंडा है और आकार में इतना छोटा है कि इन सातों ग्रहों का तापमान भी इसी से मिलता जुलता होगा और यहां द्रव्य पदार्थ भी हो सकते हैं। ट्रैपिस्ट-1 का व्यास सूरज के आकार का 8 फीसदी है।

उन्हें लगता है कि भले ही अभी इन ग्रहों पर जीवन ना हो लेकिन ये विकसित हो सकता है। ट्रैपिस्ट-1 करीब 50 करोड़ साल पुराना है और इसकी अनुमानित जीवन अवधि करीब 10 खरब साल आंकी गई है।