वीसी साहब! आप सिफारिश से आए होंगे, किसी और का तो मत करिए

वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यानी बीएचयू के वीसी महोदय अभी कैप्मस में लड़कियों के साथ हुई बदतमीजी के मामले में सबके निशाने पर बने हुए हैं, उसके बाद भी उन्होंने एक ऐसी हरकत कर दी जिसके लिए कड़ी निंदा हो सकती है और होनी भी चाहिए बीएचयू के वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने एक यौन शोषण के दोषी अध्यापक को मेडिकल अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति देने की सिफारिश की है। वीसी आज से एक महीने बाद अपने पद से मुक्त हो रहे हैं और नियम के अनुसार कोई भी वीसी रिटायर होने के दो महीने पहले से कोई भी नियुक्ति नहीं कर सकता यहां तो वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी से लड़कियों के साथ हुई बदतमीजी के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सारे अधिकार भी छीन लिए गए हैं, उसके बाद भी वीसी का एक यौन शोषण के दोषी अध्यापक को मेडिकल अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश उनकी मानसिकता के बारे में बताता है।

फोटो साभार- बीएचयू.एसी.इन

बीएचयू कुलपति ने कहा की अगर वे हर छात्रा की बात सुनेंगे तो विश्वविद्यालय कैसे चलाएंगे?
उधर दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बीएचयू में हिंसा के पीछे विरोधी पार्टियों का हाथ है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सब विश्वविद्द्यालय के परिसर को विचलित करने के लिए किया गया है सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि इस घटना में बाहरी लोग शामिल हैं क्योंकि कैम्पस के बच्चों ने कहा कि उन्होंने कैम्पस में पेट्रोल बम नहीं फेंके

फोटो साभार- एम योगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज

ऐसा नहीं है कि लड़कियों का गुस्सा जायज नहीं है कई सालों से बीएचयू परिसर में लड़कियों के ऊपर छेड़खानी होती रही है और अब जब पिछले दस साल में लड़कियों की संख्या बीएचयू में 131 प्रतिशत बढ़ी है तो जाहिर सी बात है उनपर ज्यादा अत्याचार हुए हैं, जिससे लड़कियां क्षुब्ध होकर धरने पर बैठी हैं जिसका नतीजा सबके सामने है

 

फोटो साभार-एकता सिंह