विश्वविद्यालयों में खाली पड़े पदों में हो रही है आरक्षण की अनदेखी

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

देश के 11 विश्वविद्यालयों में 706 से अधिक अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मार्च के महीने में अधिसूचना जारी की थी। इन पदों में से 4 विश्वविद्यालयों के 146 पदों की सभी रिक्तियां गैरआरक्षित उम्मीदवारों के लिए है, जबकि तीन विश्वविद्यालयों में 175 पदों की रिक्तियों में एक भी पद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए कुछ भी नहीं है।  

केवल 4 विश्वविद्यालयों ने 385 पदों में से 18 पद की रिक्तियां अनुसूचित जाति के लिए रखी हैं, जबकि इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए कोई पद नहीं है। अन्य पिछड़ी जाति के लिए 57 पद हैं। वहीं आरक्षण के नियमों को देखें तो विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और सहयोगी प्रोफेसर के पदों में 15 प्रतिशत पद अनुसूचित जाति, 7.5 प्रतिशत पद अनुसूचित जनजाति के लिए हैं। अन्य  पिछड़ी जाति के लिए सहायक प्रोफेसर के पद पर 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इन सब नियमों को अनदेखा करके देश की 11 विश्वविद्यालय अपने यहां खली पड़े पदों को भर रहे हैं।

इन विश्वविद्यालयों के नाम और पदों की रिक्तयां इस तरह हैं –  

  • ए.बी वाजपेय हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल में 18 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय  में 52 पदों में से 1 अन्य  पिछड़ी जाति के लिए है,  जबकि 51 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं।
  • हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 80 पदों में 80 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं।
  • तामिलनाडू केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 65 पदों में से 63 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 2 पद अन्य पिछड़ी जाति के लिए हैं।
  • राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 33 पदों में 33 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं।
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में 99 पदों में से 79 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 13 पद अन्य पिछड़ी जाति और 7 अनुसूचित जाति के लिए हैं।
  • सम्पूर्णनन्द संस्कृति विश्वविद्यालय, बनारस में 60 पदों में से 52 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 5 पद अन्य पिछड़ी जाति और 3 अनुसूचित जाति के लिए हैं।
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 163 पदों में से 126 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 30 पद अन्य पिछड़ी जाति और 7 अनुसूचित जाति के लिए हैं।
  • छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के 15 पदों में 15 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं।
  • झारखंड केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 63 पदों में से 58 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 4 पद अन्य पिछड़ी जाति और 1 अनुसूचित जाति के लिए हैं।
  • पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 58 पदों में से 51 पद गैर आरक्षित उम्मीदवारों के लिए हैं। 2 पद अन्य पिछड़ी जाति के लिए हैं।

साभार: द इंडियन एक्सप्रेस