विधवा पेंशन कागज पर बनल

mahila

जिला वाराणसी, ब्लाक चिरईगावं, गावं बनियापुर। इ गावं में कुछ लोग अइसन हईन जवन कि विधवा हो गईल हईन लेकिन ओन लोगन के विधवा पेंशन नाहीं मिलत हव।
महदेई, मिल्ता, नीता इ लोगन के कहब हव कि हमने के विधवा भइले दू साल हो गएल हव त केहू के तीन साल हो गएल हव। लेकिन हमने में से कोई के भी विधवा पेंशन नाहीं मिलत हव। हमने केतना बार कहली मगर आज के जमाने में कहाँ कोई के सुनवाई होत बा।
आज के जमाने में केकर बेटवा पतोह हयन जउन अपने माई सास के साथ दे। अगर हमनी के विधवा पेंशन मिलत त आज काम देत ने हमने के। नाहीं कुछ त हमने के दवाई के काम देत। कम से कम उ पइसा से हमने कहीं आरम से चल जाईत आ जाईत। कोई के आगे हाथ तो ना ने फइलावे के पड़त। जब पइसा मिलत हमने आपन काम करल जात। गावं के प्रधान से कई बार कहल गएल। हमने के लिया के ले गइलन। फोटो आउर पचास ठे रूपिया भी ले गइलन ले

किन अभहीं तक कउनों सुनवाई नाहीं भयल।
इ सब के बारे में जब गावं के प्रधान बाबूलाल से कहायल त ओन कहलन कि सितम्बर 2012 के सात लोगन क प्रस्ताव देहले हइ लेकिन अभी कुछ ना भयल हव देखा कब तक आवला।