विकास खा तरसत गांव

गांव को जा हाल
गांव को जा हाल

जिला महोबा, ब्लाक कबरई, गांव अटघार। ई गांव के दलित बस्ती में नाली, खड़ण्जा पानी ओर बिजली जेसे सुविधन की बोहतई कमी हे। ऊखे लाने न प्रधान ध्यान नई देत आय, न अधिकारी।
गांव के बब्बू, रामस्वरूप ओर शकुन्तला ने बताओ कि हमाये ऐते लगभग तीस साल की लगी बिजली हो गई। अब ईखे तार बोहतई जर-जर होके नीचे लटकत हे, ओर दलित बस्ती में बिजली के खम्भा भी नई लगे आय। जीसे लोग बांस-बल्ली से तार खींच के ले गये हें। खड़ण्जा न होय से रास्ता भर में बरसात के समय पानी ओर गर्मियन में धूल उड़त हे। जीसे बोहतई गन्दगी रहत हे। बब्बू बताउत हे कि नाली न होय के कारन दरवाजा में गड्ढा खोद के लोग अपनो निस्तार करत हें, ओर नहाय के बाद गड्ढा को पानी हाथन से उलीच के फेंकत हें। गांव में लगभग पांच हैण्डपम्प खराब हें ।
प्रधान जनक दुलारी ने बताओ कि गांव में हैण्डपम्प नाली ओर रास्ता की कमी हे तो ऊखे पूरी कराई जेहे, बिजली से तो हमें भी दिक्कत हे। बजट के बिना हम कछू नई कर सकत हें।
ए.डी.ओ. सुरेश मिश्रा ने बताओ कि अगर ओते हैण्डपम्प खराब हें तो प्रधान खा सुधराये खा चाही। 2013 ओर 2014 के बाकी विकास के लाने अभे अक्टूबर 2013 में बजट आओ हे। एई कारन ऊ प्रधान के खातन में अभे तक नई पोंहचो आय।