विकास की असली पोल खोलता बाँदा जिले का स्योढ़ा गाँव जो आज भी विकास से अछूता है

स्योढ़ा गांव के दलित मडई का आरोप है कि हिंया का विकास दस साल पहिले जउन बीजेपी सरकार मा भा रहै, वहै चलत है। तब न विकास के कऊनौ के व्यवस्था भे आय अउर न तौ नवा विकास भा आय। यहै से हिंया विकास के बहुते खराब स्थिति है। ग्राम स्वराज अभियान के तहत सबके साथै, सबका विकास कार्यक्रम आयोजन सरकार करत है। का या गांव का विकास होई पाई? हिंया की सड़के बिल्कुल ध्वस्त पड़ी है। नाला जाम होइगा रहै, जेहिसे पानी का निकास नहीं होय पावत आय। कइयों नल कचरा से भरे हैं। जेहिसे प्रदूषित पानी पीके मडई बीमार होई जात है। शौचालय एकौ नहीं आय अउर आवास कुछ मडईके हैं कुछ के नहीं आहीं। या गांव के समस्या का लइके मड़ई कइयों दरकी शिकायत किहिन है, पे आश्वासन के अलावा कुछौ नहीं मिलत आय अउर न तौ सुनवाई होत आय।  

इश्तयाक अहमद का कहब है कि ग्राम स्यौढ़ा मा कुछ अल्पसंख्यक वर्ग के जउन मड़ई है उनकर पैदा होय से लइके अबे तक कउनौ लाभ नहीं मिलत आय। न आवास, शौचालय, पेंशन तक नहीं मिलत आय। आज तक भूमिहीन हैं। उनकर आय मानक के ऊपर लगावत है। लेखपाल उनका बड़ा आदमी घोषित कीने है। कुछ मड़ई के बीस बीघहा जमीन होय के बादौ उनका पेंशन व हर लाभ मिलत है। स्वच्छता अभियान के तहत या समय गांवन के स्थिति बहुते खराब हैं। 80% मड़ईन के शौचालय अबहूं नहीं आय। गांव मा तमाम विकलांग मेहरिया है जउन चलै नहीं पवती आय। उनके लगे शौचालय नहीं आय। अइसा नहीं आय कि गांव वाले आपन समस्या कउनौ का नहीं सुनावत आहीं। पै बात या है कि कऊनौ सुनवाई नहीं होत आय। हर दरकी ग्राम पंचायत के खुली बैठक मा अधिकारिन का आपन समस्या से अवगत करावत हैं। समस्यन का कार्ययोजनामा शामिल कीन गा, पै विकास नहीं भा।   

राममिलन बताइस है कि आज स्थिति वहिनतान के है जउन पहिले रही है। दुई तीन साल से हिंया के नाली नहीं साफ होत आहीं।

रानी का कहब है कि लिस्ट मा 33 नंबर का आवास मोर आवा रहै, तौ प्रधान से कहे हन, तौ कहत रहै कि जबै अहिहें, तौ दई देहूं अउर दे दे मा चली गई हैं।

प्रधान अचल कुमार गिरी का कहब है कि राजगिरी चतुर्थ मा 2014 के बाद पइसा आवब ठीक भा, तौ मैं काम करावै का कोशिश कीने हौं। वहिके बाद बालू के समस्या बहुते बढ़ी है। यहै से काम नहीं होय पावा आय। बालू सही है या कार्ययोजना के तहत नाम पड़े हैं। जेतनी सड़क हैं वा सबै कार्ययोजना मा शामिल हैं। धीरे-धीरे काम चलत है, अबै 29 प्रधानमंत्री आवास बने हैं। इन्द्रिरा आवास पहिले के पंचवर्षीय मा 35 आय हैं। बिहारपुर मा 35 अउर स्यौढ़ा मा 56 शौचालय बने हैं। जेहिका मड़ईन का पइसा उनकर खाता मा भेजा जा चुका हैं।

जिला विकास अधिकारी रामकुमार सिंह का कहब है की जाँच कराई जई।

रिपोर्टर: गीता 

Published on May 3, 2018