विकलांगो के लिए चलाई जा रही योजनाएं खुद हुई विकलांग, सुनिए चित्रकूट जिले के विकलांगो का दर्द

चित्रकूट के ब्लाक मानिकपुर के गांव अगराहुंणा मा समाज के कमजोर वर्ग खातिर कल्याणकारी विकलांग पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलत आय। बचपन से विकलांग दुई साल से पेंशन खातिर तहसील के चक्कर लगावत हवैं।
अजय कुमार का कहब हवै कि तीन चार दरकी तहसील के चक्कर लगा चुके हन पै हमें पेंशन नहीं मिलत आय। दुर्गा बताइस कि हाथ गोंड़ से विकलांग हौं प्रधान से पेंशन खातिर कहे हौं पै वा नहीं सुनत आय। फूलकुमारी का कहब हवै कि बचपन से विकलांग हौं पै पेंशन अबै तक नहीं मिलत आय।
प्रधान प्रतिनिधी मंजीत सिंह का कहब हवै कि पच्चीस पुरान मड़इन के पेंशन मिलत हवैं। ग्यारह नये मड़इन के पेंशन नहीं मिलत आय जबै खाता मा रुपिया आ जई तौ मिलै लागी। खण्ड विकास अधिकारी का कहब हवै कि चालिस प्रतिशत से ज्यादा विकलांग मड़इन का पेंशन मिलत हवैं। वहिका आपन प्रमाणपत्र बनवा के आनलाइन आवेदन करे का चाही,फेर जांच के बाद पेंशन पेंशन मिलत हवै।

रिपोर्टर- सहोद्रा

Published on Jan 19, 2018