वाराणसी जिले के कोदोंपुर गाँव में छप्पर व पन्नी तानकर खुले में रह रहे दर्जनों परिवार

कंपकपाती ठण्ड हो, बरसात हो या फिर चिलचिलाती धूप, हर मौसम में छप्पर ही सहारा है। लेकिन इस छप्पर में रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हैं। इसलिए जिला वाराणसी,ब्लाक चिरई, गांव कोदोंपुर के दर्जन भर लोगों ने आवास की मांग की है।
बेबी का कहना है कि हवा में छप्पर गिरने से हम और हमारे बच्चें किसी तरह बच गये हैं। प्रधान आवास नहीं देता है तो हम कहां रहें? बरसात के खीने में तो खड़े होने तक की जगह नहीं रहती है। ऊषा ने बताया कि कच्चे घर में रहते हैं। प्रधान से कई बार आवास के लिए कहा है। राधिका का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चें हैं तो कच्चे घर में रहने में बहुत परेशानी होती है। कांता ने बताया कि हमें तो एक भी आवास नहीं मिला है। पांच भाइयों को पांच आवास मिले हैं।
प्रधान  रामधनी का कहना है कि आवास के लिए नई सूची में पच्चीस नाम जोड़े गये हैं।
एडीओ पंचायतरविन्द्र कुमार सिंह का कहना है कि पात्रता की सूची में जिनका नाम पहले है, उनको पहले आवास दिए जायेगें।

रिपोर्टर- अनामिका

Published on Mar 9, 2018