वादे हजार काम एक

Kasba munariजिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर मुनारी बाजार।  इहां  के चैराहा पर के हैण्डपम्प के पानीे पूरा सड़क पर फइलत हव। जेसे आवे जाए वालन से लेके  इहां  के दुकानदा तक परेशान हयन। एक साल से  इहां  पर इ हालत हव। कई बार कहले पर भी कउनों सुनवाई नाहीं होत हव।

इहां  के दुकानदार, रामआसरे, लीलावती, काशी इ लोगन के कहब हव कि सड़क पर पानी बहे से बहूत परेशानी होत हव। हमने के इ परेशानी के कोई सुने तब तो। प्रधान इहां पर सोकता खनवावे के कहत रहलन त हमने कहली कि सोकता तो टूट जाई एही पर हमरे दुकान के बीच में से नाली निकाल दा। लेकिन नाहीं सुनलन। जब गाड़ी मोटर आवला त ओकरे छींटा से हमने के सामान खराब हो जाला।   इहां  पर प्रधान त मेहरारू हईन कुल जने खाली वोट के समय अहियन ओकरे बाद फिर कभी नजर ना अहियन। जीतले के बाद एक बार बाजार में घूम लेहियन ओकरे बाद फिर कभी नजर ना अहियन। जब कभी हमने घरे जाल जाई त लइकन से कहवा देहियन कि नाहीं हईन।
इहां  के प्रधान रम्पी के कहब हव कि सब काम हमार लइका देख्ख्लन हम नाहीं देखीत। बेटा से बात करे के कोशिश करल गईल लेकिन बात नाहीं हो पाइल हव।