वजीफा खातिर समाज कल्याण मा हंगामा

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, कस्बा अतर्रा अउर बांदा। हेंया के छात्र पिछले साल के वजीफा न मिलैं से परेशान होइ के 23 नवम्बर 2013 का डी. एम. का दरखास दिहिन हैंे।
बांदा के राजीव गांधी डी. ए. बी. डिग्री कालेज मा पढ़ै वाले राहुल, राजाराम अउर मोहित समेत एक दर्जन छात्र 27 नवम्बर 2013 का समाज कल्याण विभाग मा ज्ञापन दइके वजीफा के मांग कहिन हैं। उनका कहब रहै कि हमार पिछले साल का वजीफा नहीं मिला आय।

वजीफा खातिर अधिकारी का देत दरखास
वजीफा खातिर अधिकारी का देत दरखास

अतर्रा महाविद्यालय मा पढ़ै वाले छात्र बीरेन्द्र अउर अमित बतावत है कि हम सब दलित जाति के छात्र आहिन। एक साल होइगे हमार लगभग बीस छात्रन का वजीफा नहीं मिला न प्रवेश पत्र मिला आय। यहिसे हम भी 23 नवम्बर 2013 का डी. एम. का दरखास दइके वजीफा के मांग कीन है।
रमाकांत अउर मुकेश कहत है कि हम सबै किसान अउर गरीब मड़इन के लड़का आहिन। एक-एक रूपिया मुश्किल है। कउनौ तान हमार महतारी बाप आपन पेट काट के पढ़ावत हैं। विद्यालय मा एडमीशन फीस पांच-पांच हजार रूपिया जमा कीन है, पै वजीफा खातिर विद्यालय मा कहत हन तौ प्रिसिपल कहत है कि बांदा मा पता करौ। हम सब के फारम भर के भेज दीन है। यहिसे हम परेशान हैं।
अतर्रा महाविद्यलय के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार द्विवेदी का कहब है कि हम बराबर शासन से वजीफा के मांग करत हन। एस.डी.एम. के जरिये जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मा लिखित भी दीन है। प्रवेश पत्र परीक्ष के समय दीन जई।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बड़े बाबू सौरफ का कहब है कि वजीफा के फारम लडका विद्यालय मा जमा करत हंै। होंआ से फारम समाज कल्याण जात हैं। समाज कल्याण से इण्टर नेट मा नाम चढ़ के हमरे पास लिस्ट आवत है। जिनका नाम लिस्ट मा चढ़ के हमरे पास आवा होई। उनका वजीफा शासन से पास होई।
समाज कल्याण के वरिष्ट सहायक छोटा भइया कहत हंै कि जउन लिस्ट विद्यालय से आई है वहिका इण्टर नेट मा डाल दीन गा है वजीफा देब सरकार का काम आये।