लोहिया ग्रामन मा भी अंधेरे का प्रकोप का होई विकास

wwजिला बांदा। लोहिया ग्राम घोषित होई के पूर होय के बाद भी अबै उंई गांवन मा बिजली के व्यवस्था निहाय। जेहिसे आज भी कइयौ गांवन के मड़ई सदियन से बिजली का उजयारा देखैं खातिर तरसत हैं, पै लोहिया समग्र ग्राम होय से भी उंई गांवन का कउनौ मतलब निहाय न बिजली विभाग उंई गांवन खातिर कउनौ ठोस कदम उठावत आय।
नरैनी ब्लाक ,गांव शहबाजपुर के प्रधान हरिशकंर का कहब है कि मै दूसर पंचवर्षीय का प्रधान बन गयेंव। मोर गांव 2015-16 मा लोहिया समग्र भी रही चुका है, पै आज तक गांव मा बिजली नहीं पहुची आय। जबैकि इं गांवन का विकास कार्य सब से पहिले होंय का चाही।
ग्राम पंचायत बरछा (ब) मजरा झब्बू पुरवा। हेंया के लोगन का आरोप है कि चार पीढ़ी से बसे या लगभग दुई सौ आबादी वाले पुरवा मा लोग बिजली का उजियारा देखैं का तरसत हैं। बिजली के मांग का लइके कइयौ दरकी नरैनी अउर अतर्रा बिजली पावर हाउस मा दरखास दिहिन।
रेशमा, शिवकुमारी अउर कुन्ती कहिन कि हमरे गांव मा कउनौ भी अधिकारी या चुनाव लड़ै वाला नेता मंत्री आवै हम लोग पहिला सवाल उनसे बिजली के मांग खातिर करित हन। राजू कहिस कि या गांव मा रहत हमार अउर हमरे पुरखन के जिन्दगी बीत गे, पै बिजली का उजियारा देखब हम लोगन का मुश्किल होइगा। 40 रुपिया लीटर का मिट्टी का तेल लइके जलाइत हन। बिजली न होय से गांव से तीन किलो मीटर दूर आटा पिसावैं जाय का परत है अउर गेर से जंगल अउर पहाड़ हैं। रात बिरात बहुतै जंगली जानवर आवत हैं। अंधेरे मा शौचालय का निकरैं मा भी घर से बाहर डेर लागत है।
बिजली विभाग के अधिशाषी समरनाथ का कहब है कि बिजली लगावैं खातिर गांवन मा सर्वे कइके काम शुरू कइ दीन गा है। लोहिया गांवन मा काम चालू है।

रिपोर्टर – गीता