लोगों के पास रहने की जमीन नहीं, खबर आया कि शौच के लिए पैसे देते हैं, बांदा के भुजवन पुरवा की कहानी

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव अतर्रा भुजवन पुरवा 21 जून का अखबार मा छपा रहै कि हेंया के जमींदार मड़इन के खेत मा टट्टी  जायें के कारन रुपिया लेत है अउर मजदूरी करावत है। खबर लहरिया या खबर के सच्चाई पता करिस तौ पता लाग कि हेंया टट्टी जाये का कउनौ रुपिया नहीं लीन जात आय। हेंया 21 दलित परिवार रहत है इं  दलित मड़ई के रहै का जघा नहीं आय जमींदार के जमीन मा घर बना के रहत है।जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव अतर्रा भुजवन पुरवा 21 जून का अखबार मा छपा रहै कि हेंया के जमींदार मड़इन के खेत मा टट्टी  जायें के कारन रुपिया लेत है अउर मजदूरी करावत है। खबर लहरिया या खबर के सच्चाई पता करिस तौ पता लाग कि हेंया टट्टी जाये का कउनौ रुपिया नहीं लीन जात आय। हेंया 21 दलित परिवार रहत है इं  दलित मड़ई के रहै का जघा नहीं आय जमींदार के जमीन मा घर बना के रहत है। रानी बताइस कि खेत मा टट्टी जायें खातिर हमसे कउनौ रुपिया नहीं मांगत आय।हमार घर दुवार नहीं आय हिंया झोपड़ी बना के रहित हन। सुरतिया बताइस कि 25 साल से हम हेंया झोपड़ी बना के रहित हन।हमरे लगे जमीन नहीं आय। जमींदार गया प्रसाद बताइस कि अखबार वाले झूठी अफवाह उड़ा दिहिन है कि खेत मा टट्टी जायें का रुपिया लागत है।पै कउनौ का रुपिया नहीं लागत आय। ग्राम सचिव मुकेश तिवारी बताइस कि 22 दलित परिवार रहत हैं।रहै का जघा नहीं आय यहै इं परिवारन के रहे का जघा नहीं आय यहै कारन सामुदायिक शौचालय बनवाये जइहैं। वीडिओ लालव्रत यादव का कहब हैं कि शौचालय बनावै के जघा नहीं आय यहै कारन खालिहान मा शौचालय बनवायें जइहैं।

रिपोर्टर- गीता

Published on Jul 4, 2017