ललितपुर में जर्जर बिजली के तारों से जा रही है लोगों की जान लेकिन फिर भी बिजली विभाग बन रहा है अनजान

ललितपुर जिले के ब्लाक महरौनी के गांव लरगनमें खम्भे के अभाव में लटकते बिजली के तार लोगों को हादसों कान्यौता दे रहे हैं। सन 1982 के लगे तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। बिजली के करंट से एक बच्चें की जान भी जा चुकी है जिसके कारण यहां के लोगों ने बिजली का तार हटाने की मांग की है। इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ ने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया है।
अध्यापक देशपाल का कहना है कि बिजली को लेकर ये परेशानी है कि जो स्कूल के ऊपर से 11000 वोल्टेज की तार गई है, वो वहां से हटा दी जाय। उसके गिरने से बच्चों को चोट लग सकती है। तार से चिंगारियाँ निकलती हैं, इससे आग लगने का डर रहता है। ये पूर्व माध्यमिक विद्यालय है, पूरे मैदान में बिझी पड़ी हैं, तो इससे बहुत खतरा है कहीं कोई दुर्घटना हो इससे पहले ये तार हटवा दिए जाए। मैंने अपने विभाग के तरफ से लिखा है कि ये तारफ हटवाएं जाएं। संजय सिंह ने बताया कि जो बिजली के तार स्कूल के ऊपर से गये हैं, वो हटवाकर दूसरी जगह से करवाई जाय। उसमें करंट आने और बच्चों की जान जाने की परेशानी बनी  रहती है। चंदनसिंह का कहना है कि दिक्कत ये है कि दुर्घटना में में एक बच्ची मरने से बची है । तहसील दिवस में दरखास दी। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हम सब चाहते है कि ये तार स्कूल के ऊपर से हटा दी जाय। पेड़ बढ़ने से दुर्घटना ही दुर्घटना हैं। इसलिए ये तार स्कूल के बगल से किये जायें। विशाल प्रधान का कहना है कि जो 11000 वोल्टेज का तार है वो जूनियर व प्राइमरी के ऊपर हो क्योंकि सन 1982 में बिजली आई थी। इसलिए सारी तारे पुरानी हो चुकी हैं तार टूटने से बरसात में एक बच्चे की मौत हो चुकी है। मैंने मंगलदिवस पर विज्ञापन दिया था। तो एसडीएमने कहा था कि हो जाएगा लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

रिपोर्टर- राजकुमारी

Published on Apr 19, 2018