ललितपुर जिले में जातिवाद प्रथा बरकरार और वहीं अधिकारी जुमला राजनीति में व्यस्त

जिला ललितपुर, गांव जनौरा कहनें को तो जमाना कहां पहुंच गया है परन्तु अभी भी पुरानें रीति रिवाज देखनें और सुनने को मिल जाते हैं जनौरा गांव में आज भी जातिवाद प्रथा बरकरार है। यहां अहिरवार जाति के लोगों को चप्पल उतार चलना पड़ता हैं इस बारे में एस.डी.एम धीरेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि इस तरह का मामला हमारी जानकारी में नहीं है।महिलाओं को कोइ भी चप्पल उतारनें को कहे तो यहां सूचना दें सकती हैं।पुलिस प्रशासन  कार्यवाई करेगी।
नीलम का कहना है कि पूरे गांव में चप्पल उतार कर चलना पड़ता है चप्पल पहनकर चलनें से लड़ाई होती है गांव के लोग गाली देते है तो डर लगता है इस लिए हम चप्पल पहनकर नहीं निकलते हैं।
शांति ने बताया कि गांव कि बूढ़ी महिलाएं चप्पल उतार कर  चलने को कहती हैं जब गांव के बाहर निकल जातें है तब चप्पल पहनते हैं।अब रीति रिवाज  बदलना चाहिए जैसे बड़े लोग चप्पल पहनकर सब जगह जाते हैं वैसे हमें भी यह अधिकार मिलना चाहिए।प्रधान राजीव दुबे का कहना है  कि हमारे गांव  में इस तरह कि कोई समस्या नहीं हैं हम इसके घोर विरोधी हैं महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए इसके लिए शिक्षा जरूरी है

बाईलाइन-सुषमा

25/09/2017 को प्रकाशित