ललितपुर के भरतपुर गांव को अपने पेंटिंग ब्रश से सजा चुके हैं, जाहेर सिंह परिहार

ललितपुर के महरौनी ब्लांक के भरतपुर गांव में विद्यालयों दफ्तरों से लेकर घरों के बाहर की चित्रकारी पर अपना पेंटिंग ब्रश चलाते हैं। जाहेर सिंह परिहार से जानते है कि किन-किन चीजों को उन्होंने उकेरा है अपनी चित्रकारी से –
जाहेर सिंह परिहार ने बताया कि जब हम कहीं शादी पर जाते है तो वहां पर मोर, शहनाई, और कई प्रकार के आलेखन बनाते हैं। स्कूलों में लड़के -लड़कियां बनानें होते हैं। ए से जेड  तक इंगलिश से डिजाइन में लिखना पड़ता है ये चित्रकारी दस से बारह वर्ष पहले हमें हमारे दोस्त ने सिखाया था, तब से ये पेंटिंग का काम कर रहे है। ये काम दोस्त के जरिये ही करते थे क्योकिं कही बिगड़ता है तो दोस्त सही तरीके से ठीक करता था।पहले बनाना, बिगड़ना यही काम चल रहा था।फिर धीरे-धीरे सही तरीके से आने लगा, जब आने लगा तो इस चित्रकारी को कोई सही रास्ता नहीं मिला क्योंकि गांव स्तर पर तीन सौ रूपये मिलता है और जिला स्तर पर चार सौ से पांच सौ तक मिलता है।
आगे जाहेर सिंह परिहार कहते है कि अगर सरकार कि तरफ से कोई ऐसी व्यवस्था हो जाये तो सारे चित्रकारों की सहायता होंगी। हम शहर तक पेंटिंग के लिये जा चुके है पर पुरस्कार नहीं मिलता है, न तो यहां पर कोई पेन्टिंग की प्रतियोगिता होती है। जिससे जीतने वाले को पुरस्कार मिले यहां के लोग भी खुश हो जाए, क्योंकि पुरस्कार के तौर पर कुछ पैसे या धन्यवाद दे देते है। किन्तु कार्यक्रम के द्वारा पुरस्कार नहीं देते हैं।      

रिपोर्टर-सुषमा

Published on Feb 5, 2018