रोटी बैंक को असर, भिखारी गायब

mahoba sahr kasba seमहोबा शहर, में 7 जनवरी खा बुन्देली समाज के तहत ग्यारह शाखा खोली हती। जीसे आस पास के आदमी भूखे न सोये। रोटी बैंक खुलतई शहर के भिखारी में हड़कप्प मच गओ हे।
मेंन मार्केट में रोटी बैंक की शाखा चलायें वाले आयोध्या प्रसाद ओर (एण्ड संस) के विनय गोयल कहत हे की पेहले दिन भर में कम से कम बीस लड़का बिटिया फोटो लेके भीख मगांउन आउत हती। जभे से रोटी बैंक खुली हे तभे से बोहतई कम भीखरी नजर आउत हे।
प्राइवेट बस स्टैण्ट के सामने रोटी बैंक चलाउत आशीष अवस्थी कहत हे की रोटी बैंक खुले के कारन भीख मांगे वाले बोहतई कम हो गये हें, काय से की ऊ दिन भर एक-एक, दो-दो रुपइया मगांउत हते। अब दुकान वाले रुपइया न देके खाना देत हे। जीसे ऊ खाना नईं लेत हे ओर भाग जात हे। बुन्देली समाज के संयोजक तारा पाटकार ओर महामंत्री अजय बरसैंया कहत हे की हमाओ मकसद हतो की कोनऊ भी आदमी भूखो न सोये। एई से हमने 15 अपै्रल 2015 से महोबा जिला में शुरू करो हतो, खुद घरन से मगां के बांटत हते। पे अब अलग-अलग जघा ईखी शाखा कर दई हे। जीखे देने हे तो ऊ खुद आके दे जात हे। लगभग सात सौ आदमियन खा खाना दओ जात हे।