राहत की उम्मीद में शांति के परिवार

चित्रकूट जिला ,ब्लाक रामनगर ,गांव नांदिन कुर्मियान राज्य सरकर कहत हवै कि सरकारी अस्पताल मा गरीबन खातिर बहुतै सुविधा हवै।
गर्भवती मेंहरियन का तौ सरकार हरतान के सुविधा दे का वादा करत हवै पै 17 नवम्बर 2016 के घटना देख के पता लागत हवै कि सरकार व्यवस्था केत्ता ढील–ढाल हवै। जेहिमा नसबंदी करत दरकी डाक्टर के लापरवाही से शांती के मउत होइ गे हवै।
शांती के सास के राजकुमारी बताइस कि नसबंदी करावै खातिर आपन बहू का रामनगर के प्राथमिक अस्पताल मा लइ गइंव रहिव।तबै डाक्टर पता नही कउन सूई लगा दिहिस कि वहिके मउत होइ गे पै अबै तक कउनौ कारवाही नही भे आय तेरहवीं करै खातिर जउन 50 हजार तुरतै मिल जात हवै।

50 हजार रुपिया घटना के तीसरे दिन दइ दीन गा रहै।
जबै क्लेम का फार्म भर के देहैं तौ डेढ लाख रुपिया शांती के मनसवा के खाता मा भेजा जई।

उईं रुपिया भी नहीं मिले कउनौतान कर्जा कहके तेरहवीं कीने हौं अब मड़ई आपन उधार रुपिया मांगत हवैं। अबै हमैं पोस्टमार्टम के रिपोर्ट नही मिली आय सीओ, कत्तौ आज कत्तौ कल बोलावत हवैं।
हमरे लगे येत्ता रुपिया नहीं आय कि कर्वी रोज आ जा सकी डाक्टर कहत हवैं खाता मा रुपिया आ गा हवैं पै हमरे खाता मा कउनौ रुपिया नहीं आवा आय।
सी, एम, ओं डाक्टर राज जी पाण्डेय का कहब हवै कि 50 हजार रुपिया घटना के तीसरे दिन दइ दीन गा रहै। जबै क्लेम का फार्म भर के देहैं तौ डेढ लाख रुपिया शांती के मनसवा के खाता मा भेजा जई।

रिपोर्टर- सहोद्रा

16/12/2016 को प्रकाशित