राज्य में औरतें और भी असुरक्षित

जिला बिजनौर। 10 जुलाई को एक धरने के दौरान पुलिस की हाथापाई में एक औरत को अंदरुनी चोटें आईं। पैंतीस साल की औरत के अनुसार एक स्थानीय एस.ओ. के उसके पेट पर मारने से उसका गर्भपात हो गया है। हालांकि यह बात अभी साबित नहीं हुई है, पर यह औरत महिला अस्पताल में भर्ती है जहां उसका इलाज चल रहा है।
10 जुलाई को नवलपुर गांव के कई लोग थाने के बाहर धरना दे रहे थे। जब पुलिस के कहने के बाद भी वे धरने पर से नहीं हटे तो पुलिस ने लाठी चार्ज और हाथापाई की और यह घटना घटी। अभी तक मामले में कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुई है और जिस स्टेशन अफसर पर आरोप है, वह अब भी ड्यूटी पर है। जिले के एस.पी. संजय कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और यदि अफसर की गलती है तो कार्यवाई भी होगी।

जिला पीलीभीत। 11 जुलाई को एक अंधी औरत अपने गांव से पैंतालिस किलोमीटर दूर पुलिस मुख्यालय बलात्कार की एफ.आई.आर. लिखवाने पहुंची।
इस औरत का आरोप था कि 3 जुलाई को उसके साथ बलात्कार हुआ था जिसके बाद जब वह रिपोर्ट लिखवाने बिसलपुर कोतवाली पहुंची तो वहां के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने उसे डांटकर लौटा दिया।
औरत की हिम्मत से प्रभावित पीलीभीत एस.पी. सोनिया सिंह ने इंस्पेक्टर को फौरन एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश दिया और आरोपी को हिरासत में लेने को कहा है।