राजेश खन्ना की दीवानी, तेज़ गति की महिला गेंदबाज़ मानसी जोशी

साभार: विकिपीडिया

राजेश खन्ना के गानों पर झूमती और जोरदार ठहाके मार कर हँसने वाली मानसी जोशी आज किसी पहचान की मोहताज़ नहीं है। सीधे हाथ की माध्यम गति की गेंदबाज़ मानसी ने आइसीसी वूमेंस वर्ल्ड क्वालीफायर से वन डे क्रिकेट में पदार्पण किया और हाल ही में थाइलैंड के खिलाफ की गई उनकी शानदार गेंदबाजी को जमकर सराहा जा रहा है। खासकर उस गेंद को जिसमें उन्होंने थाइलैंड की कप्तान व बाएं हाथ की बल्लेबाज सोरनारीन तिपोच को बोल्ड किया।
आइसीसी ने बाकायदा इस गेंद का वीडियो ट्वीट किया है। इस गेंद को साल की बेहतरीन गेंदों में से एक माना जा रहा है। इस मैच से वन डे क्रिकेट में पदार्पण करने वाली मानसी जोशी ने अपने गेंदबाजी से सभी को आकर्षित किया।
आइसीसी से मिली सराहना से खुश मानसी जोशी का कहना है कि “अभी तो यह शुरूआत है, मंजिल अभी बाकी है”।
ओपनर गेंदबाज की तरह शुरूआत करने वाली मानसी जोशी ने मैच में लगातार पांच ओवर फेंकते हुए चार मेडन डाले और मात्र चार रन देकर तीन विकेट झटके।
इन पांच ओवर में भी उन्होंने 29 गेंद पर कोई रन नहीं दिए। यह भी अपने आप में एक कीर्तिमान है। उन्होंने सबसे बेहतरीन गेंद पारी के आठवें ओवर में डाली जिसे जमकर तारीफ मिल रही है।
मीडिया से मानसी जोशी ने कहा कि वन डे क्रिकेट में आगाज करने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रही थी। गेंदबाजी में भी काफी मेहनत की।
उन्होंने कहा कि पिच तेज गेंदबाजों के काफी अच्छी रही। स्विंग गेंदबाज होने के कारण काफी फायदा मिला। आउट स्विंगर गेंदबाज मानसी ने बताया कि मेरा ध्यान लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करने पर केंद्रित रहा। आठवें ओवर में मेरे सामने थाइलैंड की बाएं हाथ की बल्लेबाज सोरनारीन तिपोच थी।
जो गेंद मैंने डाली वह उसके लिए इन स्विंग साबित हुई और वह उसे खेल नहीं पाई। मानसी ने बताया कि चौथे ओवर में बाउंसर मारा था, लेकिन गेंद थर्ड स्लिप और प्वाइंट के बीच से निकल गई। थर्ड मैन नहीं ले रखा, इस वजह से चौका पड़ा वरना पूरे ओवर मैडन रहते।
यह दूसरा मौका है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मानसी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इससे पहले बैंकॉक में हुए एशिया कप वूमेंट टी-20 में भी थाइलैंड के खिलाफ दो विकेट चटकाने पर उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
तीन भाई-बहनों में बड़ी मानसी रुड़की में जन्मी लेकिन युवावस्था तक अपनी चाची के घर तिगरी में रहीं और अब देहरादून में रहती हैं। जहाँ मानसी अपने कोच के साथ अभ्यास करती हैं।
वह कहती हैं, मैं राजेश खन्ना की बहुत बड़ी प्रशंसक हूँ। मैच से पहले उनके गाने जरुर सुनती हूँ ताकि मैदान में आराम से खेल सकूँ और शायद यही वजह है मैं बिना किसी तनाव के मैच खेल पाती हूँ।
वह कहती हैं, गुनगुना रहे हैं भँवरे, मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, रूप तेरा मस्ताना, बागों में बहार है और बाकी राजेश खन्ना के हिट गाने सुनते हुए वह अपने सपने के करीब पहुँचती हैं, उनका सपना है कि वह भारत की सबसे तेज़ महिला गेंदबाज़ बनें।

फोटो और लेख साभार: विजडेन इंडिया