राजनीतिक हलचलों के बीच कैसे मनेगा क्रिसमस?

25 दिसम्बर यानी ईसा मसीह का जन्मदिन। किसी के चर्च जाने का दिन तो किसी के अच्छे खानें का दिन है। इस साल राजनीतिक हवाओं ने क्रिसमस के त्यौहार में जहर घोलने का काम किया है। मध्यप्रदेश के सतना में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने पादरी से मारपीट की। अलीगढ़ में भी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने किसमिस मनानें पर गम्भीर परिणाम की धमकी दी है। आगरा और लखनऊ में भी ऐसी धमकियों की खबरें आयी हैं। हमारे धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसी धमकी बढ़ती जा रही हैं अल्पसंख्यकों पर इसका असर क्या होगा ? क्या लोग पहले जैसे त्यौहार मना पायेगें। आइये जानते है बांदा और महोबा जिले के लोगों से।
बांदा के जुलियम सैम का कहना है कि हम लोगों को कोई डर नहीं लगता है शांति से त्यौहार मनायेगें। हर जाति के लोग सहयोग करते हैं। नोयए का कहना है कि कोई भय नहीं है हम बिलकुल आजाद है। हिन्दू, मुसलमान भी हमारे साथ त्यौहार मनातें हैं। महोबा के वाल्टर क्लाऊजरी का कहना है कि जो सुना है उसको अफवाह मानतें है जैसे हर साल क्रिसमस मनाते थे वैसे इस बार भी अच्छे से मनायेगें किसी से डर नहीं है हिन्दू, मुसलमान सिक्ख चाहें जिनका त्यौहार हो अच्छे से मनातें हैं।
हम उम्मीद करते है कि इस साल लोग अच्छे से त्यौहार मनायेगें।आपको भी की क्रिसमस शुभकामनाएं।

रिपोर्टर: गीता देवी और सुनीता प्रजापति

Published on Dec 22, 2017