राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयः नाम बड़े और दर्शन छोटे

इस काॅलेज के बच्चें उन परिवारों से हैं जो गरीबी रेखा के नीचे हैं। 300 बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है
इस काॅलेज के बच्चें उन परिवारों से हैं जो गरीबी रेखा के नीचे हैं। 300 बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है

चित्रकूट जिले में तीन राजकीय पद्धति आश्रम इंटर कालेज बने हैं जिसमें दो लड़कों के लिए और एक लड़कियों के लिए है। यह कॉलेज पहले आदिवासी बच्चों के लिए बनाया गया था लेकिन सरकार ने 2007 से यह सभी वर्ग के बच्चों के लिए कर दिया गया। इस कॉलेज में गरीबी रेखा से जो नीचे हैं वो प्रवेश पा सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इन विद्यालयों को सरकार द्वारा दिए जाने वाली राशि का नियमनुसार प्रयोग नहीं किया जा रहा है। इस बात की जांच-पड़ताल करने के लिए खबर लहरिया ने बरगढ़ क्षेत्र के सूचेता गांव में स्थित राजकीय पद्धति आश्रम विद्यालय के अध्यापक चंद्रशेखर से बात की। उन्होंने बताया कि यहां सभी सुविधाएं हैं। कुल छात्रों की संख्या 300 है। जिन्हें ग्यारह अध्यापक पढ़ाते हैं। खाना, तेल, साबुन और कपड़े सभी मुफ्त दिए जाते हैं।

बच्चों को हर रोज के मीनू में एक ही तरह का खाना दिया जाता है। शाम का खाना सुबह ही बना लेते हैं
बच्चों को हर रोज के मीनू में एक ही तरह का खाना दिया जाता है। शाम का खाना सुबह ही बना लेते हैं

जबकि विद्यालय को देख इसका उल्टा ही लग रहा था। कुल 300 बच्चों में से मात्र 126 मौजूद थे। यहां पानी और शौचालय की परेशानी हैं। नल है पर पानी की पाइप ही नहीं, बच्चे कक्षा में सो रहें हैं, बच्चों को रोज एक ही तरह का खाना दिया जाता है। ग्याहर अध्यापकों में से मात्र 4 ही विद्यालय में दिखाई दे रहे थे। इस बीच जब खबर लहरिया पत्रकार ने अध्यापक से इन कमियों के बारे में बात करना चाही तो वह आगबबूला हो गये।