रद्दी से बनीं रंगबिरंगी दरिया

20141128_153106

चित्रकूट जिला, ब्लाक मऊ, मवईरोड बालिका इन्टर कालेज। मुरादाबाद की खास दरी आसपास के जिलों में खूब पसंद की जाती है। शौकीन लोग अपने घर में किसी उत्सव में इसे बिछाने के लिए या फिर शादी विवाह में उपहार के तौर पर देने के लिए इसे वहां खरीदने जाते हैं। लेकिन चित्रकूट में नवंबर महीने से दो हुनरमंद कारीगरों आलम और अंशु ने अपना काम यहां जमा लिया है। यह दोनों हथकरघा मशीन से दरी बनाते हैं। दरी के रंग और उसके डिजायन की कल्पना उसे खास बनाती है। मजेदार बात यह है कि यह दरी फटे पुराने कपड़ों से बनती है।
दोनों लड़के मशीन और अपने दिमाग की कल्पना के जरिए इन कपड़ों को खूबसूरत और उपयोगी दरी में बदल देते हैं। इन लोगों ने बताया कि इन्होंने अपने बड़े-बुजुर्गों से यह काम सीखा था। लेकिन मुरादाबाद में हर घर में ऐसे कारीगर होने के कारण आमदनी कम होती है। इसलिए इन लोगों ने नए जिले में काम करने का मन बनाया।