योग दिवस मनाइए 97 साल की दादी के साथ

कोयंबटूर की नानाम्मल 97 की उम्र में भी योग के सभी आसन कर लेती हैं। कोयंबटूर के पोल्लाची इलाके के नजदीक जामिन कलियापुरम में जन्मी नानाम्मल इस उम्र में भी 50 तरह के आसन करती हैं।
1920 में जन्मी नानाम्मल के परिवार की पांच पीढ़ियां योग से जुड़ी हुई हैं। वह खुद महज 5 साल की उम्र से नियमित योगाभ्यास करती हैं। उन्होंने अपने दादा जी से योग सीखा था।
नानाम्मल के सभी बेटे और बेटियां फिलहाल अलग-अलग जगहों पर योग टीचर के तौर पर काम कर रहे हैं। नानाम्मल कभी अस्पताल नहीं गई हैं। वह लोगों को योग से होने वाले फायदों के बारे में भी बताती हैं।
वह अपने गांव के लोगों को योग के फायदे बताती हैं। वह आज भी अपने दांतों को नीम की दातुन से मांजती हैं। इसके बाद वह सूर्य नमस्कार करती हैं।
90 साल की उम्र में भी उनकी आंखों की रोशनी बरकरार है। यही नहीं वह कई कठिन योगासनों को भी आसानी से कर लेती हैं।
हाल ही में अंडमान निकोबार में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया था और गोल्ड मेडल जीता था। वह फूड और योग के फायदों को लेकर स्कूली छात्रों की क्लास भी लेती हैं।