ये चुनावी मोहब्बत है, कभी भी कुछ भी हो सकता है, महोबा के जीवन लाल को ही देख लीजिए

चुनावी महौल में क्या–क्या देखने को मिलता है अब महोबा जिला में रहनें वाले जीवनलाल चौरसिया को ही देख लीजिए नगरपालिका में बेटी को टिकट न मिलने से आत्महत्या तक की धमकी दे दी
जीवनलाल का कहना है कि चालिस साल मैंने जनता के बीच काम किया अगर पैसा कमाना होता तो संजय गांधी और इंदिरा गांधी के समय कमा सकता था मेरे अंदर आज भी जनसेवा का जज्बा है मैंने आत्महत्या की खबर ईमेल से उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुलाम नवी आजाद और राजबब्बर को भेजा था लखनऊ के डी एम और एस पी को फैक्स किया है यहां सूचना आई तो पुलिस मुझें खोजने लगी पर मैं लखनऊ चला गयावहां की पुलिस ने मेरी बहुत खुशामद की फिर महोबा की पुलिस मुझे सम्मान के साथ पकड़ के मेरे घर छोड़ गयी मुझे बारह चौदह बार इनाम मिल चुका है कांग्रेस के मनरेगा और आई टी आई काम को भी किया है फिर भी मुझे टिकट नहीं मिला है
जीवनलाल की बेटी और राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार अंजना चौरसिया का कहना है कि चुनाव में मेरे तीन में मुददे है लोगो को पानी दिलाना, सफाई करवाना और सड़कों को गड्ढा मुक्त करना है महिलाओं के साथ कोई घटना न हो इसके लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है
बाईलाइन-सुनीता प्रजापति 

22/11/2017 को प्रकाशित