यू.पी. में कोई सुरक्षित नहीं

 

(फोटो साभार: प्रतीक दुबे)
(फोटो साभार: प्रतीक दुबे)

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार ठुकराए हुए चाहने वालों का लड़कियों पर हमला करना राज्य में आम बात हो गई है। पूरे देश में उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है।
इस रिपोर्ट को देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या चैंका देने वाली है। उत्तर प्रदेश में हत्या के सबसे ज़्यादा केस हुए हैं। 2001 से 2012 के बीच पैंसठ हज़ार से ज़्यादा मामले यहां घटे।

महिलाओं पर हिंसा पर राक नहीं
राष्ट्रीय स्तर की इस रिपोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए असुरक्षित ठहराया है। 20 जुलाई को मुलायम सिंह के शहर सैफई में सामूहिक बलात्कार के बाद जलाई गई लड़की की मौत हो गई। बुलंदशहर में सोलह साल की दलित लड़की जब सामूहिक बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची तो उसे मुख्य आरोपी का नाम वापस लेने को कहा गया और जहांगीराबाद थाने के एस.ओ. ने उसे थप्पड़ मारा। तीनों आरोपियों को रिपोर्ट दर्ज होने के पहले ही थाने से जाने दिया गया। इसके पहले प्रतापगढ़ जिले में बलात्कार के आरोपित ने लड़की की ज़बान काट दी थी।