यूरिया खातिर हुवत दलाली

kasba2जिला फैजाबाद, ब्लाक मया, जरही सहकारी समिति। यूरिया के ताई यतनी दिक्कत बाय कि गेंहू मा डारै के ताई नाय मिलत। केहू का चार-चार बोरिया मिल जाथै। केहू का एकौ बोरी नसीब नाय हुवत।
दामोदरपुर कै जमुना प्रसाद बताइन कि हम पेड़ी वाले खेत मा गेहूं कै बुवाई करे हई। खाद एकौ बार नाय डाले हई। यहि कारण सिंचाई नाय कै मिलत बाय। खाद डालके सिंचाई करै पै गेहूं ठीक हुआथै।
दहलवा कै कुलदीप बताइन कि हम दुई तारीख से दौरत हई लकिन अबहीं तक खाद नाय मिलत बाय समिति वाले कहाथिन कि दुई तीन दिन मा आय जाये। खाद आये के बाद जब तक पता चलाथै  तब तक खतम होय जाथै। इहौ नाय सोचतिन कि जेका एक बार मिला बाय वका दुबारा न दियै। वै सब चाहे ब्लैक मा बेंच लियत हुवय। हमरे सबकै खेती खाद बिना बेकार होय जात बाय।
काजीपुर मांझा कै गोविन्द, षिवकरन बताइन कि एक किलोमीटर दूर खाद लियै खातिर आवै का पराथै। सारा दिन आय के हर्जा करै तबौ खाद नाय मिल पावत बाय। इहै दषा एक महीना से चलत बाय।
समिति कै सचिव अरूण मिश्रा बताइन कि सन् 2014 मा चैदह मैट्रिकटन इफको यूरिया खाद बंट चुका बाय। अउर 15 जनवरी 2015 का चार सौ बोरी खाद सहकारी समिति पै आय रहा। जौवना दुई तीन बोरी के हिसाब से प्रति किसान का दीन गै। प्रषासन से मैसेज आय बाय कि हर समिति पै 17 जनवरी तक अउर खाद आय जाये।