यूक्रेन देश में हिंसा, अमेरिका और रूस फिर भिड़े

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन ने यूक्रेन पर दबाव बनाया हुआ है।

 

क्रीमिया, यूक्रेन। रूस के पास स्थित यूक्रेन देश के क्रीमिया क्षेत्र में रूस की सेनाओं ने सभी अहम् ठिकानों पर कब्ज़ा कर लिया है। अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने इसे यूरोप की शांति के लिए खतरा बताया है।
यूक्रेन की संसद ने कहा है कि रूस ने वहां युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है। साथ ही उसने दुनिया के अन्य देशों से मुसीबत के इस समय में मदद मांगी है।
अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा है कि रूस किसी अन्य देश पर ऐसे दबाव नहीं बना सकता और इक्कीस्वीं सदी में आप उन्नीस्वीं सदी जैसा बरताव करते हुए किसी देश पर हमला नहीं कर सकते।

रूस और यूक्रेन – एक इतिहास

यूक्रेन में नवंबर 2013 में राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के खिलाफ लोग सड़कों पर निकले। उन पर आरोप था कि वे लोगों की बात नहीं सुन रहे थे।  इस आंदोलन के शुरू होने का मुख्य कारण था वे यूरोपीय संघ से एक व्यापार समझौता करने से आखिरी समय पर मुकर गए थे।
देश के पश्चिमी हिस्से में यूक्रेनी लोग अधिक हैं जिनका झुकाव यूरोप की ओर है। पूर्वी हिस्से में रूसी भाषी लोग बसे हैं जो रूस के पक्ष में हैं और राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के समर्थक हैं।
समझौता न होने से यूक्रेनी समुदाय के लोग भड़क गए। काफी संघर्षों के बाद यानुकोविच को तो पद से हटा दिया गया मगर नए सत्ता में आए लोगों ने कुछ कदम ऐसे उठा दिए कि रूसी भाषी लोगों में भय बढ़ा। क्रीमिया में विद्रोह भड़का। रूस देश को यूक्रेन में दखल देने का मौका मिल गया।