मौत की सज़ा पर उठे सवाल

मुम्बई। मुम्बई में पिछले साल सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई है। पिछले साल 23 साल की एक फोटो पत्रकार के साथ शक्ति मिल के कम्पाउंड में चार आदमियों ने बलात्कार किया। इनमें से तीन दोषी – विजय जाधव, मुहम्मद कासिम शेख और सलीम अंसारी को मौत की सज़ा सुनाई गई है।
इन तीनों पर इसके पहले भी 19 साल की एक टेलीफोन आपरेटर के बलात्कार का आरोप लगा था। पिछले साल शक्ति मिल केस में चैथे अपराधी सिराज रहमान को उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई है। वकील का कहना था कि तीन आरोपी ने एक से ज़्यादा बार यह जुर्म किया है इसलिए उन्हें फांसी होनी चाहिए। महिला आंदोलन से जुड़े लोगों ने इस सज़ा पर अफसोस जताया है। महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि मौत की सज़ा बलात्कार को नहीं रोक सकती है। हम बलात्कार और हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन मौत की सज़ा के पक्ष में नहीं।